लखनऊ/बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश का नाम सपने में भी आते ही घबरा जाने वाले निवेशकों और उद्योगपतियों की राय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में चल रही भाजपा सरकार ने बदल कर रख दी है. भाजपा सरकार के शासनकाल में उत्तर प्रदेश “इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली” प्रदेश के रूप में तब्दील होता जा रहा है.
‘इन्वेस्टर्स समिट ने इतिहास बनाया था भविष्य में भूगोल बदलेगा’
प्रदेश पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चन्द्रमोहन ने कहा कि यह भाजपा सरकार के सुशासन का ही कमाल है कि आज उत्तर प्रदेश निवेशकों को आकर्षित करने के मामले में वैश्विक उचाईयां छू रहा है. इसी बदलते माहौल ने उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष देश के सबसे बड़े निवेशक सम्मेलन ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन की नींव रखी है. प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष फरवरी में अबतक की सबसे बड़ी इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया था. इस समिट में 4.28 लाख करोड़ रुपए के एमओयू हुए थे. इनमें से डेढ़ लाख करोड़ से अधिक के निवेश से जुड़े प्रोजेक्ट का शिलान्यास हो चुका है. यह निवेशकों की यूपी के प्रति बदलती धारणा का ही परिणाम है कि देश में रक्षा उत्पादों का सबसे बड़ा मेला भी अगले साल लखनऊ में ही लगेगा.
‘बड़ा बाजार बनकर उभरेगा यूपी’
प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चन्द्रमोहन ने कहा कि यूपी से गुजर रहे डिफेंस कॉरिडोर में निवेश के लिए निवेशकों को आकर्षित करने में न केवल मदद मिलेगी बल्कि अंतरराष्ट्रीय रक्षा क्षेत्र में यूपी एक बड़ा बाजार बनकर उभरेगा. यूपी में बनने वाले डिफेंस कॉरिडोर में निवेश के लिए जिस तरह विदेशी कंपनियों से अपनी रुचि दिखाई है उससे जाहिर होता है कि प्रदेश अब पिछली विपक्षी सरकारों की अराजकता से काफी हद तक उबर चुका है. आज यूपी विकास की नई इबारत लिख रहा है जिसमें निवेशक ही नहीं यूपी का हर व्यक्ति खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है.
