नोटबंदी के तीन साल होने पर भारतीय अर्थव्यवस्था को लगा बड़ा झटका

अपना एनसीआर होमपेज स्लाइडर

नई दिल्ली : 8 नवंबर 2016 को रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर में नोटबंदी का ऐलान किया था जिसके बाद 500 और 1000 रुपए के नोट चलन से बाहर हो गए थे, अब सरकार को नोटबंदी किए तीन साल हो गए हैं सरकार नोटबंदी को आतंकवाद, अलगाववाद, नक्सल, कालाधन के खिलाफ बड़ा अभियान मानती है

मूडीज ने भारत की रेटिंग ‘नेगेटिव’ की

वही दुनिया की अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाली एजेंसी मूडीज ने भारत की अर्थव्यवस्था की रेटिंग ‘नेगेटिव’ कर दी है. अभी तक भारत का क्रेडिट रेटिंग्‍स आउटलुक ‘स्‍टेबल’ था. मूडीज ने इसके पीछे, बढ़ते हुए कर्ज के बोझ और बजट घाटे को कम करने के सरकारी संघर्ष को वजह बताया है. भारत की फॉरेन करेंसी और लोकल करेंसी लॉन्‍ग टर्म इश्‍युअर रेटिंग्‍स को Baa2 पर ही रखा गया है जो दूसरा सबसे घटिया इनवेस्‍टमेंट ग्रेड स्‍कोर है.

सरकार ने लिया संज्ञान

भारत सरकार ने मूडीज के इस बदलाव का संज्ञान लिया है. सरकार ने कहा है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍थाओं में से एक हैं. अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने हालिया वर्ल्‍ड इकॉनमिक आउटलुक में कहा है कि 2019 में भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था 6.1% की दर से बढ़ेगी. 2020 में उसकी रफ्तार 7 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी.

बेहतरी के लिए कदम उठाएंगे

सरकार ने कहा है कि IMF और अन्‍य एजेंसियां भारत के प्रति आशावान हैं. सरकार के मुताबिक, उसने अर्थव्‍यवस्था को मजबूती देने के लिए कई सुधार कार्यक्रम चलाए हैं. सरकार ने वैश्विक मंदी को देखते हुए भी कई कदम उठाए हैं. Moody’s के India ratings घटाने से भारत पर दबाव बढ़ेगा. सरकार सितंबर में कॉर्पोरेट टैक्‍स में अचानक कटौती कर इकॉनमी को किकस्‍टार्ट करने की कोशिश कर चुकी है. अब इनवेस्‍टर्स की नजर भारत के ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्‍ट (GDP) डेटा पर रहेगी. Fitch Ratings और S&P Global Ratings ने अभी तक भारत की रेटिंग ‘स्‍टेबल’ रखी है.

 

 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *