लखनऊ: सपा सांसद आजम खान पर लगातार दर्ज हो रहे मुकदमों से दूरी बनाने वाले अखिलेश यादव ने 9 सितंबर को रामपुर में प्रदर्शन का आवाह्न तो कर दिया है, लेकिन उनके सामने कई सारी चुनौतियां हैं. सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव रामपुर जाने के लिए थोड़ा सा असमंजस में हैं, क्योंकि यह सब उस समय में हो रहा है जब प्रदेश में उपचुनाव सर पर हैं.
क्या है पूरा मामला?
पिछले दो महीने से आजम पर दर्ज हो रहे मुकदमों के बाद आजम खान पार्टी में ही अलग-थलग पड़ गए थे. जिसके बाद मुलायम सिंह यादव को उनके पक्ष में आना पड़ा था. जानकारी के मुताबिक मुलायम ने अखिलेश को आजम के पक्ष में बड़े जन आंदोलन को शुरू करने की नसीहत दी थी. ताकि उपचुनाव से पहले रामपुर में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाया जा सके. 9 सिंतबर को आजम खान के समर्थन में अखिलेश यादव रामपुर में प्रदर्शन करेंगे. इसके लिए रामपुर के आसपास से जिलों के कार्यकर्ताओं से पार्टी ने रामपुर इकट्ठा होने वाले हैं. अगर अखिलेश 9 तारीख को रामपुर पहुंचते हैं तो यह पहला मौका होगा जब वो पूरी तरह से आजम के सपोर्ट में खड़े होंगे.
कुछ वक्त पहले बनाई थी दूरियां
जबकि पिछले कुछ समय से अखिलेश ने आजम खान से दूरी बनाकर रखी थी. इसके पीछे रामपुर से समाजवादी पार्टी के नेताओं का फीडबैक है. जिसके तहत ये कहा गया था कि आजम ने सत्ता का दुरूपयोग किया था. रामपुर में अपने व्यक्तिगत हितो को आजम ने साधा और इसलिए अखिलेश यादव ने आजम से दूरी बनाकर रखी थी.
रामपुर की एक विधानसभा सीट पर होना है उपचुनाव
असल में राज्य की 13 विधानसभा की सीटों पर उपचुनाव होने हैं. इसमें एक सीट रामपुर की भी है. जहां से आजम खान विधायक थे. लिहाजा अखिलेश किसी भी हाल में नहीं चाहेंगे कि इस सीट पर पार्टी को हार का सामना करना पड़े. जिसके कारण अब वह आजम के पक्ष में रामपुर में उतर कर उपचुनाव के लिए आजम का समर्थन हासिल करना चाहते हैं.
