मौर्या के बाद अखिलेश-राजभर में “कार की रार’, राजभर का फॉर्च्यूनर से इंकार!

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लखनऊ: राजनेताओं की तमाम चर्चाओं के अलावा, नेताओं के काफिले और कारों की चर्चा भी कम नहीं रही है. कार में अगर फॉर्च्यूनर हो तो क्या ही कहने. उधारी की कार के भी तमाम किस्से सियासी गलियारों में खूब है. इधर समाजवादी पार्टी के गठबंधन में भी साथियों को कार देने और वापस लेने की चर्चाएं भी देश दुनिया में सुर्खियों में रहीं. अब एक बार फिर अखिलेश यादव के गठबंधन की ‘गाड़ी’ को लेकर खींचतान मची है।

अखिलेश यादव ने राजभर से वापस मांगी फॉर्च्यूनर!
दरअसल, खबर है कि, अखिलेश यादव ने ओपी राजभर से गिफ्ट में दी गई कार वापस मांगी है. बताया जा रहा है कि ये गाड़ी सपा ने राजभर को गिफ्ट की थी जिससे ओपी राजभर और उनके बेटे चलते हैं. सुभासपा कार्यालय में गुरुवार को एक फॉर्च्यूनर कार मिली. सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार की डिटेल पता करने पर जानकारी मिली कि ये गाड़ी समाजवादी पार्टी कार्यालय के नाम पर रजिस्टर्ड है. इस गाड़ी का नंबर UP 32MK 9290 है और जिसका रजिस्ट्रेशन 17 नवंबर 2021 हुआ था. जिसे अब अखिलेश यादव ने वापस मांगी है।

राजभर ने किया इंकार
वहीं फॉर्च्यूनर कार की खबर को लेकर ओपी राजभर के बेटे अरुण राजभर ने कहा कि वो इस गाड़ी को नहीं चलाते है. वहीं ओपी राजभर से जब पत्रकारों ने इस गाड़ी को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि वो फॉर्च्यूनर से नहीं बल्कि इनोवा से चलते हैं. राजभर ने कहा- मेरे पास दो इनोवा हैं और मेरे पास कोई फॉर्च्यूनर नहीं है ना मैं कभी फॉर्च्यूनर से चला हूं।

अखिलेश ने केशव देव मौर्य को वापस ली थी फॉर्च्यूनर
ओम प्रकाश राजभर और सपा के को-प्रोडक्शन सपा की इस फॉर्च्यूनर कहानी से कुछ दिन पहले ही. पहले ही यूपी में एक और फॉर्च्यूनर का सियासी किस्सा बहुत चर्चित रहा है. खास बात ये है कि दोनों ही किस्सों में समाजवादी पार्टी का कॉमन कनेक्शन है. दरअसल, सपा के सहयोगी महान दल के प्रमुख केशव देव मौर्य ने जैसे ही पार्टी से गठबंधन के खात्मे का ऐलान किया, अखिलेश यादव ने उन्हें चुनाव के दौरान गिफ्ट की गई फॉर्च्यूनर को वापस मांग लिया ।

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