नई संसद के ‘शेरों’ पर सियासी शोर, विपक्ष बोला ‘हिंसक’, सरकार ने कहा ‘स्वाभिमान’!

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दिल्ली: जितने जोर-शोर से नई संसद भवन के शेरों का स्वाहत हुआ था. अब उससे कहीं ज्यादा जोर से विरोध के सुर सुनाई दे रहे हैं. पीएम मोदी ने सोमवार को नए संसद भवन की छत पर लगने वाले अशोक स्तंभ का लोकार्पण किया था. लेकिन इस अनावरण के बाद अशोक स्तम्भ में लगे शेरों पर शोर मच गया. विपक्ष ने शेरों की मुद्रा का मुद्दा उठाते हुए सवाल खड़े कर दिए कि, ये शेर आक्रामक और उग्र दिख रहे हैं इनका मुंह भी खुला हुआ है।

‘अक्रामक बनाम शांत शेर’

अशोक स्तंभ के शेरों का मुद्दा अक्रामक बनाम शांत हो गया है. विपक्ष ने शेर के खुले मुंह को मुद्दा बनाया तो वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि, पहले शांत रहने वाला शेर, अब दहाड़ रहा है, ये नए भारत के शेर हैं. अशोक स्तंभ के शेरों पर बवाल और डिजाइन के सवाल पर आप वाले संजय सिंह और बीजेपी के कपिल मिश्रा में भिड़ंत हो गई।

संजय सिंह ने का ट्वीट
“मैं 130 करोड़ भारतवासियों से पूछना चाहता हूँ राष्ट्रीय चिन्ह बदलने वालों को ‘राष्ट्र विरोधी’ बोलना चाहिये की नहीं बोलना चाहिये।

कपिल मिश्रा का पलटवार
“संजय सिंह जी, भगवंत मान जी वाली दवाई पीकर ट्वीट मत किया कीजिये , आप झेल नहीं पाते, अशोक चिन्ह के शेर को आदमखोर कह कर आप केवल खुद की बची खुची इज्जत का केजरीवाल बनवा रहे हो”।

सोशल मीडिया पर भी संग्राम
शेरों के लेकर स्पीड से चल रहा सैलाब, सियासी गलियारों से निकलकर सोशल मीडिया तक भी जा पहुंचा. नेताओं से लेकर अभिनेताओं तक शेर पर सवा सेर हो रहे हैं. महुआ मित्रा से लेकर अनुपम खेर तक शेर की खराबी और खासियत बता रहे हैं. महुआ मित्रा ने कहा कि, अब सत्यमेव की जगह सिंहमेव हो गया है. इस पर अनुपम खेर ने लिखा कि, शेर दहाड़ेगा नहीं तो और क्या करेगा।

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