लखनऊ : डॉ अब्दुल कलाम प्रविधिक विश्विद्यालय यानी AKTU में विवाद खत्म होने का नाम नही ले रहा, सूत्रों की माने तोAktu में पीएचडी प्रवेश परीक्षा का पेपर परीक्षा से एक दिन पहले यानी 29 जून को रात्रि करीब 10 बजे लीक हो गया था. 25 हज़ार में अभ्यर्थी का सौदा आरोपी डॉ राजीव सिंह से हुआ था.. मामले की भनक लगते ही मीडिया प्रभारी आशीष मिश्रा,प्रति कुलपति प्रो. विनीत कंसल व कुलपति के ड्राइवर राजकुमार मिश्रा मौक़े पर पहुँचे
हुआ पैसे का लेन देन
आरोपी डॉ राजीव सिंह की माने तो लखनऊ के जानकीपुरम इलाके में विशाल हॉस्पिटल के पास जब पैसे का लेन देन हो रहा था तो इन तीनो द्वारा जबरन आरोपी राजीव को उठा कर कुलपति के आवास पर लाया गया.
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आरोपी ने कहा फंसाया जा रहा है
वहीं आरोपी का कहना है कि पुरानी अदावत में मुझे फसाया गया है अगर मुझे पैसे लेते हुए पकड़ा गया था तो पुलिस को सूचना क्यों नही दी गयी, मौके पर पुलिस को क्यों नही बुलाया गया ,मेरा अपहरण जैसे माहौल बना कर कुलपति आवास क्यों लाया गया, ओर आशीष मिश्रा को कैसे पता चला कि छात्र पैसे देने ही वाला था कि ये तीनो शक्तिमान बन कर वहां पहुँचे
एक दर्जन लोग हो सकते हैं शामिल
सूत्रों की माने तो विश्विद्यालय में एक दर्जन से अधिक लोग इस मामले में संलिप्त है, वहीं AKTU ने पेपर लीक मामले को नकारा हैय आपको बताते चले कि AKTU की पीएचडी-2019-20 फेज-1 की प्रवेश परीक्षा 30 जून को सम्पन्न हुई थी. नोएडा और लखनऊ ने एक-एक परीक्षा केंद्र पर हुई थी परीक्षा. प्रवेश परीक्षा के लिए कुल 1208 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था.
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