शपथ लेकर भी सत्र में शामिल नहीं हुए आजम खान, अखिलेश से भी नहीं मिले, शिवपाल यादव और राजभर के भी नए गिले

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लखनऊ/रामपुर:  समाजवादी कुनबे में मचा घमासान लगातार घनघोर होता दिख रहा है. विधानसभा सत्र के पहले दिन एकता दिखाने की रणनीति बनी थी, सरकार को घेरने का प्लान बना था. वहीं आजम खान के लिए भी अखिलेश यादव के बगल वाली सीट रिजर्व की गई थी. लेकिन आजम खान आए, शपथ ली और चले गए इधर आजम खान और शिवपाल यादव की नाराजगी के बीच ओमप्रकाश राजभर का अंदाज भी कुछ बदला बदला दिखा. क्या ये अखिलेश यादव की अग्निपरीक्षा है?

शपथ लेकर सत्र में शामिल नहीं हुए आजम

सीतापुर की सलाखों से निकलकर, करीब सवाल दो साल बाद सदन पहुंचे आजम खान ने विधायक पद की शपथ तो ली लेकिन अपने समाजवादी खेमे को कोई खैर-खबर नहीं दी, शपथ लेकर बिना किसी से मिले रामपुर लौट आए आजम खान और तो और विधानसभा के गलियारे में गर्म भी दिखा आजम खान का मिजाज. जब वो पत्रकारों की भीड़ में आशु मलिक के कुछ कहने पर नाराज हो गए. विधानसभा के गलियारेमें इतना ही सुनाी दिया कि, ‘लिमिट में रहो’।

क्या बोले अखिलेश यादव…
दरअसल, 18वीं विधानसभा के इस सत्र में कयास लगाए जा रहे थे कि, आजम खान विधानसभा आएंगे तो सारे-गिले शिकवे दूर हो जाएंगे. इसी उम्मीद में अखिलेश यादव के बगल में रिजर्व रखी गई थी आजम खान की सीट. लेकिन इस नजारे में नजर ही नहीं आए आजम खान. हालांकि, नाराजगी के सवाल पर अखिलेश यादव कह रहे हैं कि, हम साथ-साथ हैं. अखिलेश यदव ने कहा कि, आजम खान जल्द ही विधानसभा सत्र में आएंगे।

बैठक में भी नहीं हुए थे शामिल
रविवार को भी जब अखिलेश यादव ने तमाम विधायकों को विधानसभा सत्र की रणनीति पर मंथन के लिए बुलाया था.तब भी आजम खान रामपुर में अपने करीबियों के साथ आगे की कवायद में जुटे थे. नसीर अहमद और शहजील इस्लाम सरीखे विधायक भी पार्टी की बैठक से दूर और आजम खान के साथ दिखाई दिए और तो और देवबंद से लेकर बरेली तक के मुस्लिम धर्मगुरुओं से मेल- मुलाकात के भी मायने भी बखूबी निकाले जा रहे हैं.वहीं आजम खान से मिले तौकीर रजा ने भी अखिलेश यादव पर जमकर वार किया और उनके रवैये को गैरजिम्मेदार बताया।

ओमप्रकाश राजभर बोले ‘एसी कमरे से निकलें अखिलेश’
इधर शिवपाल यादव और आजम खान की नाराजगी के बीच कुछ बदले-बले से नजर आए समाजवादी गठबंधन के साथी ओमप्रकाश राजभर. ऐसा लगा मानो सपाईयों का बहाना और अखिलेश पर निशाना, “सपा के नेता जब उनसे मिलते हैं तो वो अपने नेता को घर से बाहर निकलकर पार्टी को मजबूत करने के लिए जनता से मिलने के लिए कहते हैं. उन्होंने कहा कि अखिलेश को लोगों से मिलने के लिए बैठकें करनी चाहिए”

अब बात निकली तो अखिलेश यादव तक भी गई वक्त की मौजूदा विसात पर सबको मौजू मान रहे हैं. अब पार्टी और सहयोगी दलों की दिखाई दरारों ने विरोधियों को भी झांकने का मौका दे दिया. शिवपाल यादव, आजम खान और राजभर जहां मुखर दिख रहे हैं…वहीं खबर है कि, पल्लवी पटेल भी गठबंधन की इस डगर पर डगमगा रही है…इन सबकी नाराजगी के बीच सवाल ये है कि, आजम खान ने, ले तो ली शपथ…लेकिन अखिलेश कैसे पार करेंगे ये अग्निपथ…?

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