* आजम खान, अब्दुल्ला आजम को SC से राहत
* फर्जी पैन कार्ड बनाने के मामले में मिली राहत
*SC ने आजम खान की जमानत का आदेश दिया
*जमानत का आदेश 4 हफ्ते बाद लागू होगा
*ट्रायल कोर्ट में मुखबिर का बयान दर्ज करें-SC
* 4 हफ्ते में मुखबिर का बयान दर्ज करें- SC
* मुखबिर के बयान के बाद जमानत दी जाए-SC
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान (Azam Khan) और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म खान (Abdullah Azam) को एक मामले में अंतरिम ज़मानत दी. आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान पर फर्जी पैन कार्ड (Fake Pan Card) बनवाने का आरोप है. सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने इस मामले में दोनो को ज़मानत दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि इस मामले में कोर्ट 4 हफ्ते के भीतर मुखबिर का बयान दर्ज करे. बयान दर्ज होने के बाद आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म को ज़मानत दी जाए।
सरकार ने किया जमानत का विरोध
इस मामले में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) में सपा नेता आज़म खान (Azam Khan) और उनके बेटे अबुल्लाह आज़म(Abdullah Azam) की ज़मानत याचिका का विरोध किया. उत्तर प्रदेश की तरफ से वकील एसवी राजू ने कहा कि आज़म खान पर कई संगीन मामलो में FIR दर्ज है. अपराधिक पृष्टभूमि की वजह से उनको जमानत नहीं दी जानी चाहिए ।
वकील की दलील
इस मामले पर आज़म खान के वकील सिब्बल ने कहा कि सरकार ने पासपोर्ट और पैन पैन कार्ड मामले में अलग-अलग FIR दर्ज की है, जबकि इस मामले में मुख्य FIR में आज़म खान को ज़मानत मिल चुकी है. आरोपी को जेल में रखने के लिए सरकार ने एक ही मामले में अलग-अलग FIR दर्ज की है. यही हाल अबुल्लाह आज़म खान का है. आज़म खान के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि आज़म खान को तीन मामलों को छोड़ कर सभी मामलों मे ज़मानत मिल चुकी है।
अभी जेल में रहेंगे…
गौरतलब है कि आज के आदेश के बाद आजम खान और अब्दुल्लाह आजम को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन वो दोनो फिलहाल जेल से रिहा नही हो पाएंगे. अभी उनके खिलाफ तीन और मामले लंबित हैं, जिसमें ज़मानत मिलनी बाकी है ।
