कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर बर्रा किडनैपिंग कांड में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने खुलासा किया है कि, उसके अपहरण के 4-5 दिन उसकी हत्या कर शव को फेंक दिया था. उसकी हत्या के बाद फिरौती भी मांग ली थी. और ये कारनामा किया है उसके 6 दोस्तों ने, वहीं इस मामले में पकड़े गए अपहरकर्ताओं ने पूरी घटना की जानकारी दी है.
क्या है मामला
दरअसल, कानपुर के बर्रा से 22 जून को लैब टैक्नीशियन संजीत यादव का अपहरण हुआ था. अपहरकर्ताओं ने 30 लाख की फिरौती मांगी थी. परिजनों का आरोप है कि, 13 जुलाई को पुलिस ने परिजनों से एक बैग में 30 लाख रूपए भरवाकर अपहरणकर्ताओं के बताए पुल से नीचे फेंके पुलिस तब तक अपराधियों तक पहुंचती वो भाग चुके थे. परिजनों का कहना है कि, उन्होंने फिरौती रकम के लिए मकान भी बेच दिया. बावजूद इसके पुलिस संजीत को नहीं छुड़ा पाई. और तब से ही हवा में हाथ-पैर मार रही थी. अब पुलिस ने मामले का खुलासा किया है कि, अपहरण के 4 दिन बाद ही उसकी हत्याकर शव को पांडु नदी में फेंक दिया. एसएसपी का कहना है कि शव की तलाश की जा रही है. वहीं परिवार इकलौते बच्चे की हत्या से सदमे में है. परिवार पुलिस पर गभीर आरोप लगा रहे हैं.
अखिलेश यादव ने किया ट्वीट
इस मामले पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि, कानपुर से अपहृत युवक का अब तक कोई पता नहीं चला है. उप्र का शासन एवं पुलिस प्रशासन दोनों इस मामले में पूरी तरह से निष्क्रिय क्यों हैं? ये अपहरण भाजपा के राज के शर्मनाक क्षरण का प्रतीक है।
जानिए कब क्या हुआ था?
- 22 जून की रात हॉस्पिटल से घर आते वक्त संजीत का अपहरण हुआ
- 23 जून को परिजनों ने जनता नगर चौकी में गुमशुदगी की तहरीर दी
- 26 जून को SSP के आदेश पर राहुल यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई
- 29 जून को अपहरणकर्ता ने संजीत के परिजनों को 30 लाख की फिरौती के लिए फोन किया
- 5 जुलाई को परिजनों ने शास्त्री चौक पर जाम लगाकर पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया
- 12 जुलाई को एसपी साउथ कार्यालय में इस बाबत दोबारा प्रार्थना पत्र दिया गया
- 13 जुलाई को परिजनों ने फिरौती के 30 लाख रुपये से भरा बैग गुजैनी पुल से नीचे फेंक दिया, लेकिन फिर भी संजीत नहीं मिला
- 14 जुलाई को परिजनों ने SSP और IG रेंज से शिकायत की, जिसके बाद संजीत को 4 दिन में बरामद करने का भरोसा दिया गया
- 16 जुलाई को बर्रा इंस्पेक्टर रंजीत राय को सस्पेंड कर सर्विलांस सेल प्रभारी हरमीत सिंह को चार्ज दे दिया गया
- 23-24 जुलाई रात में घटना का खुलासा कि, सजीत की हत्या हो गई
