जन्मदिन विशेष : मछुआरे के बेटे थे मिसाइलमैन डॉ. अब्दुल कलाम, पढ़िए उनके अनमोल विचार

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नई दिल्ली : भारत के 11वें राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की आज जयंती है. अब्दुल कलाम 2002 में भारत के 11वें राष्ट्रपति चुने गए थे. भारत के मिसाइल मैन कहे जाने वाले अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था.

मछुआरे के बेटे थे मिसाइल मैन
अब्दुल कलाम का सारा जीवन ही युवाओं के लिए प्रेरणा माना जाता है. आज भी युवा उनके द्वारा दी गई सीख को फोलो कर अपनी मंजिलों को पाने का प्रयास कर रहे हैं. एक मछुआरे के बेटे का दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का राष्ट्रपति बन जाना यूं ही नहीं हुआ होगा. डॉ कलाम जीवन के कड़े संघर्ष और अपनी सकारात्मक को लिए आगे बढ़ते रहे.

खुद पर विश्वास कर आगे बढ़ो…
डॉ कलाम हमेशा अपने सपनों पर विश्वास करने की बात कहते. उन्हें अपने सपनों पर भरोसा था. शायद इसीलिए जीवन में विपरीत परिस्थितियों के होते हुए भी वह उस शिखर तक पहुंचे, जहां तक पहुंचने वाले दुनिया में कम ही शख्स होते हैं. हम आपको बताते हैं डॉ कलाम द्वारा कही गई वो अहम बातें जो हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

”जिस तरह मेरी नियति ने आकार ग्रहण किया उससे किसी ऐसे गरीब बच्चे को सांत्वना अवश्य मिलेगी जो किसी छोटी सी जगह पर सुविधाहीन सामजिक दशाओं में रह रहा हो”

”यदि आप विकास चाहते हैं तो देश में शांति की स्थिति होना आवश्यक है”

”सपने वो नहीं होते जो आप सोने के बाद देखते हैं, सपने वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते .”

”सबके जीवन में दुख आते हैं, बस इन दुखों में सबके धैर्य की परीक्षा ली जाती है.”

”जीवन में सुख का अनुभव तभी प्राप्त होता है जब इन सुखों को कठिनाईओं से प्राप्त किया जाता है.”

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