लखनऊ : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भीड़ के हमले मामले में एसएसपी कृष्ण बहादुर सिंह समेत तीन पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर हो गया है. इस हिंसा में एक पुलिस अधिकारी समेत एक शख्स की मौत हो गई थी. ट्रांसफर के बाद बुलंदशहर के एसएसपी कृष्ण बहादुर सिंह को लखनऊ के डीजीपी मुख्यालय में तैनात किया गया है. वहीं, सीतापुर के कप्तान रहे सुपर कॉप प्रभाकर चौधरी को बुलंदशहर का कप्तान बनाया गया है.
गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि खेत में कुछ हिंदूवादी संगठनों के कायकर्ताओं द्वारा गोवंश के अवशेष मिलने के बाद बिगड़ी स्थिति को संभालने में नाकाम रहने की वजह से दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है. उन्होंने बताया कि इन दो अधिकारियों के अलावा एसएसपी पर भी कार्रवाई की गई है.
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डीजीपी ने सौंपी थी सीएम को रिपोर्ट
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओ.पी.सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह फैसला लिया गया. डीजीपी ने इस मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी थी.
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इस बीच योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर की इस घटना को दुर्घटना बताया है. उन्होंने पहले कहा था कि यह घटना एक बहुत बड़ी साजिश थी लेकिन शुक्रवार को दिल्ली में एक मीडिया कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह घटना वास्तव में एक दुर्घटना थी.
बुलंदशहर की घटना मॉब लिचिंग नहीं-योगी
उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में कोई मॉब लिंचिंग की घटना नहीं हुई है. बुलंदशहर में जो हुआ, वो एक दुर्घटना थी.” पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है लेकिन मुख्य साजिशकर्ता योगेश राज गिरफ्त से बाहर है.
