बुलंदशहर हिंसा: योगी के एक्शन पर प्रश्न चिन्ह, 83 पूर्व नौकरशाहों ने मांगा इस्तीफा

अपना बुलंदशहर

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के 83 पूर्व नौकरशाहों ने बुलंदशहर हिंसा मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घेरना शुरू कर दिया है. दरअसल, इन पूर्व नौकरशाहों ने मुख्यमंत्री को खुला पत्र लिख कर उनके इस्तीफे की मांग की है. मुख्यमंत्री को पत्र लिखने वाले ये पूर्व नौकरशाह पिछले 4 से 5 साल से सेवानिवृत हैं.

बताया जा रहा है कि इस पत्र के द्वारा पूर्व नौकरशाहों ने सूबे के मुखिया पर आरोप लगाया है कि बुलंदशहर हिंसा मामले में जांच सही तरीके से नहीं हो रही है. साथ ही आरोप ये भी है कि पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के हत्यारों को पकड़ने की जगह गोहत्या में संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है.

खबर ये भी है कि नौकरशाहों ने सीएम योगी पर ये भी आरोप लगाया है कि “मुख्यमंत्री ने इस मामले की गंभीरता एवं उसके साम्प्रदायिक नजरिए को नहीं समझा है. सत्ता में मौजूद पार्टी ने अपने सांप्रदायिक एजेंडे को आगे बढ़ाया है.” पूर्व अधिकारियों ने ये आरोप जड़ा है कि पुलिस गोहत्या में संलिप्त लोगों को पकड़ने में लगी और बुलंदशहर हिंसा के अपराधियों पर कार्रवाई करने से चूक रही है.

आपको बता दें कि बुलंदशहर हिंसा मामले में पुलिस ने मंगलवार को 3 आरोपियों को धर दबोचा. पुलिस ने कहा है कि गोहत्या में 4 लोग शामिल थे जिनमें से एक फरार होने में कामयाब रहा. पुलिस बताया कि गोहत्या के आरोपी अपने लाइसेंसी हथियार से गायों की हत्या करते हैं.

आपको बता दें कि 3 दिसंबर को हुई इस हंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की मौत हो गयी और एक स्थानीय युवक सुमित चौधरी की भी जान चली गयी. जिसके बाद पुलिस ने 7 लोगों को आरोपी बना कर गिरफ्तार कर लिया.

सुमित के परिजनों से मिले योगी
वहीं, आज लखनऊ में सुमित के माता-पिता ने सीएम योगी से मुलाकात की. परिजनों की मांग है कि सुमित को शहीद का दर्जा दिया जाए. जानकारी दे दें कि राज्य सरकार की तरफ से सुमित के परिजनों को 10 लाख रुपए की राहत राशि दिया गया है.

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