अलीगढ़: अतरौली की नगर पालिका में वित्त वर्ष 2015-16 में लाखों का भ्रष्टाचार हुआ है. इसका पर्दाफाश स्थानीय निधि लेखा परिक्षा के विभाग के ऑडिट में हुआ है. साथ ही पालिका में 24 बिंदुओं पर खामियां पाई गई हैं. इस भ्रष्टाचार की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी गई है. जिसपर प्रशासन ने पालिका से जवाब मांगा है.
चेयरमैन और इंजीनियर ने किया घोटाला
तत्कालीन चेयरमैन साजिदा बेगम व अधिशासी अभियंता गुलशन सूरी ने मिलीभगत कर सरकारी धन का दुरुयोग किया. ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक वेतन बिलों की जांच में सामने आया कि, पांच संविदा सफाई कर्मचारियों को भैंसा भत्ता के नाम पर 600 रुपये के हिसाब से भुगतान हुआ. जबकि इस भुगतान का कोई औचित्य नहीं है. 16 सितंबर 2015 को 18500 का भुगतान मेसर्स बी टे्रडर्स को अलीगढ़ रोड पर डिवाइडर की स्ट्रीट लाइट ठीक कराने के लिए किया गया था. इस काम के लिए फर्म को भुगतान पहले ही किया जा चुका था. दोबारा से अनियमित रूप से भुगतान किया गया. पालिका में प्राप्त विभिन्न अनुदानों से कराए गए निर्माण कार्यों में भी 735033 का अधिक भुगतान हुआ. निर्माण कार्यों में खोदाई से प्राप्त मिट्टी को समायोजित न करने व अन्य मदों पर 60243 रुपये का अधिक भुगतान किया गया. नियम न होने पर भी इस काम में 447380 रुपये का भुगतान किया. आगणन व बिल में मिट्टी भराव की अधिक दर दर्शाकर 59850 रुपये का अधिक भुगतान किया गया.
पालिका को हुआ 1 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान
निर्माण कार्य की निविदाओं को तय मूल्य से कम में बेचा गया. इससे पालिका को 137414 रुपये का नुकसान हुआ. निर्धारित समय में काम पूरा न करने पर अर्थदंड नहीं वसूलकर 88000 रुपये की आर्थिक फायदा पहुंचाया गया. वहीं खोदाई से प्राप्त मिट्टी का अर्थ फिलिंग में समायोजन न कर 336786 रुपये का अधिक भुगतान किया गया. 13 व 14वें वित्त आयोग से कराए गए निमार्ण कार्यों में भी फर्जीवाड़ा हुआ. एम फॉगिंग मशीन कूड़ा हाथगाड़ी खरीदने में अतिरिक्त पैसा खर्च किया गया. शासन से जारी 40 मदों में लाइसेंस शुल्क का आरोपण न कर भी पालिका को राजस्व क्षति पहुंचाई गई. बजट में भी खामियां इस वित्त वर्ष के आय-व्यय समीक्षा में तमाम खामियां मिलीं. गृहकर व जलकर लाइसेंस ठेका मोटर अड्डा फाइन व विधिक आय बजट के सापेक्ष 4194127 रुपये प्राप्त किए गए. जबकि, इन मदों में तय बजट 15700000 रुपये का था. सामान्य प्रशासन जलकल विभाग का वेतन बजट 12500000 के सापेक्ष 15052701 का किया गया जो अधिक था.
