दिल्ली में जुटे देशभर के लाखों किसान, कलेजा चीर देगी ये किसानों की ये चिट्ठी !

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नई दिल्ली: अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) के बैनर तले करीब 209 किसान संगठन संयुक्त रूप से प्रदर्शन करने दिल्ली पहुंचे. इस प्रदर्शन में देश के अलग-अलग कौनों से लाखों किसानों ने शिरकत की. प्रदर्शन कर रहे किसान ट्रेनों, बसों एवं अन्य परिवहन माध्यमों के अलावा पैदल भी दिल्ली पहुंचे. अपनी मांगों को लेकर किए जा रहे दो दिवसीय प्रदर्शन के तहत ये किसान बृहस्पतिवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में इकट्ठा हुए थे. और शुक्रवार को संसद की ओर कूच किया.

मंदिर और मूर्ति नहीं कर्जमाफी-
देश के तमाम राज्यों से आए किसानों ने कहा कि उन्हें राम मंदिर या राम मूर्ति के बजाय कर्ज माफी और अपनी फसल और उत्पादों का उचित मूल्य चाहिए.
यूपी से आए किसानों ने ‘apnauttarpradesh’ की टीम से बात करते हुए अपनी नाराजगी भी जाहिर की.  किसानों ने कहा कि ‘प्रदूषण के नाम पर हम किसानों के दस साल पुराने ट्रैक्टर जब्त किए जा रहे हैं जबकि रेल में अभी भी डीजल इंजन लगे हैं. सरकारी अफसर डीजल वाली जीप और कार इस्तेमाल कर रहे हैं. हमारी दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है लेकिन सरकार राम मंदिर के मुद्दे में उलझी है’.

क्या है किसानों की मांग?
किसानों के लिए एक विशेष सत्र बुलाया जाए
किसान कर्ज की पूरी तरह माफी हो
फसलों की लागत का डेढ़ गुना दाम मिले
किसानों को पेंशन देने की मांग
स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू की जाए

क्या है स्वामीनाथन आयोग कब दी रिपोर्ट
स्वामीनाथन की अध्यक्षता में नवंबर 2004 आयोग बना
कमेटी ने अक्टूबर 2006 में अपनी रिपोर्ट दे दी
कमेटी ने इन बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट दी
फसल उत्पादन मूल्य से 50% ज़्यादा दाम मिले
क्वालिटी के बीज कम दामों में मुहैया कराए जाएं
विलेज नॉलेज सेंटर या ज्ञान चौपाल बनाए जाएं
महिला किसानों को क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएं
किसानों के लिए कृषि जोखिम फंड बनाया जाए
सरप्लस और इस्तेमाल नहीं हो रही जमीन के टुकड़ों का वितरण
खेतीहर और वनभूमि को कॉरपोरेट को न दिया जाए
फसल बीमा की सुविधा पूरे देश में हर फसल के लिए मिले
खेती कर्ज की व्यवस्था हर गरीब और जरूरतमंद तक पहुंचे
किसान कर्ज पर ब्याज दर कम करके 4% हो
आपदा वाले इलाकों में हालात सामान्य होने तक रहे
एक एग्रिकल्चर रिस्क फंड का गठन किया जाए​

आनंद विहार, निजामुद्दीन और बिजवासन रेलवे स्टेशनों और सब्जी मंडी के चार अलग-अलग रास्तों से किसान जब रामलीला मैदान की ओर बढ़े तो कई जगहों पर ट्रैफिक में जाम हुआ. इस परेशानी के सफर में किसानों ने आम जनता को पर्चे बांटे जिसमें लिखा था कि,
हम किसान हैं आपको तंग करना हमारा इरादा नहीं है हम बहुत परेशान है
सरकार को और आपको अपनी बात सुनाने बहुत दूर से आए हैं।
हमारे मार्च से आपको परेशानी हुई होगी.हमें माफ करना. फसल और उत्पाद की खरीद का मूल्य, बाजार का भाव लिखते हुए किसानों ने अपनी मांगों के लिए समर्थन मांगते हुए लिखा है कि, कुछ गलत मांग रहे हैं क्या हम?

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