लखनऊ: कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन लोगों को बचाव करने का लगातार संदेश दे रहा है. कोरोना से बचने के लिए लोगों को सावधान होने की जरूरत है. पटना आयुर्वेद कॉलेज के प्रो. डॉ. उमा पांडेय ने कहा कि आयुर्वेद में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की बात होती है. इसके लिए तुलसी, अदरख, गुड़, सोंठ, गोल मिर्च आदि का चाय के रूप में सेवन करें. इनके सेवन से पाचन शक्ति भी मजबूत होगी. बार-बार हाथ को अच्छे तरीके से धोने के बाद ही मुंह व नाक को छूने का प्रयास करें. हाथ संक्रमित होने के कारण नाक, मुंह आदि छूने पर वायरस तेजी फैलता है. एेसे में सतर्कता जरूरी है.
सरसों का तेल और कपूर का करें इस्तेमाल
सरसों तेल में कपूर मिलाकर कुछ बूंदे नाक में डालें, जिससे श्वास लेने में कठिनाई नहीं होगी और प्रतिरोधक क्षमता भी बनी रहेगी। संक्रमण से बचने के लिए अदरख व मुलेठी का सेवन अधिक करें. अदरख को आयुर्वेद में विषनाशक कहा जाता है. चीनी की जगह गुड़ का सेवन करें. ज्यादा भीड़ वाले इलाकों में जाने से परहेज करें. बाहर का भोजन न करें. साथ ही हल्दी डालकर दूध का सेवन रात में सोने से पहले करें.
और क्या-क्या करें
-वायरस की कोशिका का व्यास करीब 500 माइक्रो, इसलिए सामान्य मास्क भी इसके लिए पर्याप्त हैं.
-वायरस हवा से नहीं फैलता है.
-यह धातु की सतह पर 12, कपड़ों पर नौ घंटे और हाथों पर दस मिनट तक जीवित रह सकता है.
-बाहर से आने के बाद हर बार साबुन से हाथ-मुंह धोना जरूरी है.
-बाहर जाने के दौरान अल्कोहल सैनिटाइजर जेब में रखें, बीच-बीच में हाथ सैनिटाइज करें.
-धूप में दो घंटे रखने पर कोरोना वायरस खत्म हो जाते हैं.
-गुनगुना पानी पीने और सूर्य की रोशनी में रहने से भी संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है.
-खरास हो तो गर्म पानी से गरारा करें.
