अब्बास अंसारी की मऊ सीट पर हुआ उपचुनाव तो जिसका चलेगा दांव, ये है जातीय समीकरण!

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Mau:  उत्तर प्रदेश में विधानसभा और पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटे सूबे के सियासी दलों के सामने उससे पहले ही एक और चुनावी मैदान सजता दिख रहा है….और ये सीट है अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) की विधायकी जाने के बाद खाली हुई मऊ (MAU ) सदर सीट…और इस सीट के उपचुनाव में चले जाएंगे सभी दांव।

क्यों खाली हुई सीट और कौन-कौन अब रेस में?

दरअसल, 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान अधिकारियों को देख लेने की धमकी के मामले में दोषी करार हुए अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) की सीट अब खाली है. हालांकि, अब्बास ने इस आदेश के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है जिस पर 21 तारीख को सुनवाई होनी है. इसी बीच मऊ में उपचुनाव की बिसात बिछने लगी है…वहीं चुनावी बाजी चलने से पहले सभी दलों ने अपने-अपने दांव सजाने भी शुरु कर दिए हैं…चर्चाओं की चाल अब उन चेहरों को लेकर भी तेज हो गई है जो इस उपचुनाव में उम्मीदवार हो सकते हैं…अंसारी परिवार गढ़ बचाए रखने की दावेदारी में अपने ही परिवार के किसी चेहरे को मैदान में उतारने की तैयारियों में जुटा है…इनमें अब्बास के छोटे भाई उमर और अफजाल अंसारी (Afzal Ansari ) की बेटी नुसरत का नाम सामने आया है….इसी कड़ी में सबकी नजर समाजवादी पार्टी पर भी टिकी हैं।

BJP और सुभासपा में भी दावेदारी!

मऊ सदर (MAU ) के इस संग्राम में गठबंधन वाले दलों में भी टेंशन दिख रही है…अब्बास (Abbas Ansari) 2022 में ओपी राजभर की सुभासपा से चुनाव लड़े थे लिहाजा ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar ) इस सीट पर अपना दावा ठोंक रहे हैं…वहीं मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari ) के गढ़ वाली इस सीट बीजेपी भी पहली बार किसी भी कीमत पर कमल खिलाना चाहती है…राजभर पंचायत चुनाव अकेले लड़ने की बात कह चुके हैं…ऐसे में अगर उपचुनाव में भी बात नहीं बनी तो बीजेपी और सुभासपा दोनों से अलग-अलग उम्मीदवार मऊ के मैदान में दिखाई दे सकते हैं।

मऊ सीट का जातीय समीकरण ।
मऊ की चुनावी महाभारत में जातीय समीकरण का भी बड़ा रोल है…क्योंकि, मऊ सदर सीट पर ऐसे में जातीय समीकरण को साधकर का जीत का झंडा लहराया जा सकता है…।

कुल वोटर्स की संख्या जहां 4.42 लाख से ज़्यादा है

मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 1.60 लाख है

दलित वोटर क़रीब 85 हज़ार हैं

क्षत्रिय क़रीब 47 हज़ार वोट हैं

राजभर जाति के वोट क़रीब 44 हज़ार हैं

चौहान बिरादरी के 42 हज़ार

यादव वोट हैं क़रीब 31 हज़ार

ब्राह्मण क़रीब 6 हज़ार है

विश्वकर्मा, लोहार, धोबी, कुर्मी कुल 19 हज़ार हैं

मऊ (MAU ) की इस महाभारत में महेंद्र राजभर वाले थप्पड़ कांड ने सरगर्मियों को और बढ़ा दिया है…कुल मिलाकर इस दंगल में सपा-बीजेपी के अलावा ओपी राजभर का एंगल देखने वाला होगा…ऐसे में सवाल यही है कि, क्या त्रिकोणीय होगा मुकाबला….अगर बीजेपी और सुभासपा में बात नहीं बनी तो सपा के अलावा बीजेपी और सुभासपा से अलग-अलग उम्मीदवार मैदान में दिखाई देगा ।

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