खुर्जा/बुलंदशहर : सरकार का नारा है कि, सब पढ़े और सब बढ़े, क्योंकि पढ़ेगा इंडिया तभी तो आगे बढ़ेगा इंडिया. फिर सरकारी स्कूलों की खस्ता हालत और शिक्षा का स्तर देखकर अक्सर मन में यही ख्याल आता है कि, इन हालात में कैसे पढ़ेगा इंडिया. लेकिन कहते हैं ना कि, जहां चाह वहां राह. खुर्जा विधानसभा से बीजेपी विधायक विजेंद्र सिंह ने सरकारी स्कूलों को लेकर बनाई हुई धारणा को अपनी मेहनत और काम से धरायशी कर दिया. प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास के एजेंडे पर चलते हुए विधयाक विजेंद्र सिंह ने उस्मापुर गांव के सरकारी जूनियर हाईस्कूल की सूरत ही बदल डाली. सरकारी स्कूल को इस तरह मॉर्डन तरीके से विकसित किया गया है कि, क्षेत्र के क़ॉन्वेंट स्कूल इस सरकारी स्कूल के सामने कमतर नजर आते हैं.
कैसे उस्मापुर का सरकारी स्कूल बना मिशाल?
अमूमन सरकारी स्कूल का नाम सामने आते ही, मन में होमगार्ड वाली ड्रेस, जमीन पर पढ़ते बच्चे और स्कूल की टूटी-फूटी चाहरदीवारी वाली तस्वीर ही दिमाग में उभरती है. लेकिन अगर आप उस्मापुर का सरकारी स्कूल देख लेंगे तो आपका भ्रम टूट जाएगा.
यहां का माहौल एकदम कॉन्वेंट स्कूल जैसा दिखाई देता है. स्कूल की बिल्डिंग भी किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है. इस सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को इंग्लिश भी अच्छे से पढ़ाई जाती है…खुर्जा तहसील का ये स्कूल आस-पास के सरकारी स्कूलों के लिए मिशाल बन गया है.
अमूमन सरकारी स्कूल का नाम सामने आते ही, मन में होमगार्ड वाली ड्रेस, जमीन पर पढ़ते बच्चे और स्कूल की टूटी-फूटी चाहरदीवारी वाली तस्वीर ही दिमाग में उभरती है. लेकिन अगर आप उस्मापुर का सरकारी स्कूल देख लेंगे तो आपका भ्रम टूट जाएगा.
यहां का माहौल एकदम कॉन्वेंट स्कूल जैसा दिखाई देता है. स्कूल की बिल्डिंग भी किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है. इस सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को इंग्लिश भी अच्छे से पढ़ाई जाती है…खुर्जा तहसील का ये स्कूल आस-पास के सरकारी स्कूलों के लिए मिशाल बन गया है.

विधायक विजेन्द्र सिंह ने उठाया जिम्मा तो बदल गई तस्वीर
विजेन्द्र सिंह के विधायक बनने से पहले उस्मापुर का सरकारी स्कूल भी सूबे के अन्य स्कूलों की तरह बदहाल था. अभिभावक अपने बच्चों का यहां भेजने से कतराते थे. लेकिन जब से विधायक विजेन्द्र सिंह ने इस स्कूल का कायाकल्प कराया है. तब से यहां पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है. अभिभावक अपने बच्चों का नाम दूसरे स्कूलों से कटवाकर यहां दाखिला दिलवा रहें हैं. स्कूल में किस तरह का बदलाव हुआ है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस सरकारी स्कूल के बच्चे अब फर्राटेदार इंग्लिस बोलते हैं.
विजेन्द्र सिंह के विधायक बनने से पहले उस्मापुर का सरकारी स्कूल भी सूबे के अन्य स्कूलों की तरह बदहाल था. अभिभावक अपने बच्चों का यहां भेजने से कतराते थे. लेकिन जब से विधायक विजेन्द्र सिंह ने इस स्कूल का कायाकल्प कराया है. तब से यहां पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है. अभिभावक अपने बच्चों का नाम दूसरे स्कूलों से कटवाकर यहां दाखिला दिलवा रहें हैं. स्कूल में किस तरह का बदलाव हुआ है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस सरकारी स्कूल के बच्चे अब फर्राटेदार इंग्लिस बोलते हैं.
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साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान
गंदी जगह पर मां सरस्वती नहीं विराजती इसलिए बीजेपी विधायक ने स्कूल की सफाई का भी खासा ध्यान रखा हैं. इसलिए बीजेपी विधायक ने स्कूल की साफ-सफाई का भी खासा ध्यान रखा है वैसे भी कहा जाता है कि, गंदी जगह पर मां सरस्वती नहीं विराजती .स्कूल के गेट, दीवारों को रंग-रोगन कराया गया है पेंटिग के जरिए दीवारों को आकर्षक बनाया गया है ताकि खुशनुमा माहौल में बच्चों का मन पढ़ाई लिखाई में लगे. उस्मांपुर के इस स्कूल में तमाम सुविधाए उपलब्ध हैं. यहां के बच्चे और अभिभावक भी व्यवस्थाओं से पूरी तरह संतुष्ट हैं. पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान की झलक भी यहां बखूबी देखी जा सकती है.
गंदी जगह पर मां सरस्वती नहीं विराजती इसलिए बीजेपी विधायक ने स्कूल की सफाई का भी खासा ध्यान रखा हैं. इसलिए बीजेपी विधायक ने स्कूल की साफ-सफाई का भी खासा ध्यान रखा है वैसे भी कहा जाता है कि, गंदी जगह पर मां सरस्वती नहीं विराजती .स्कूल के गेट, दीवारों को रंग-रोगन कराया गया है पेंटिग के जरिए दीवारों को आकर्षक बनाया गया है ताकि खुशनुमा माहौल में बच्चों का मन पढ़ाई लिखाई में लगे. उस्मांपुर के इस स्कूल में तमाम सुविधाए उपलब्ध हैं. यहां के बच्चे और अभिभावक भी व्यवस्थाओं से पूरी तरह संतुष्ट हैं. पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान की झलक भी यहां बखूबी देखी जा सकती है.
‘अपना उत्तर-प्रदेश’ से खुर्जा के विधायक विजेन्द्र सिंह ने की खास बात
सशक्त भारत निर्माण के लिए शिक्षा व्यवस्था का मजबूत होना जरुरी है ये बात प्रगतिशील विचार रखने वाले खुर्जा विधानसभा से बीजेपी के विधायक विजेन्द्र सिंह बखूबी जानते हैं. स्कूल में बदलाव के लिए अपना उत्तर-प्रदेश ने खुर्जा से विधायक विजेन्द्र सिंह से बात की इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने स्कूल में विकास कार्य कराएं हैं. शिक्षा से ही समाज में बदलाव किया जा सकता है. बातचीत के दौरान बीजेपी विधायक ने बताया कि, इस सरकारी स्कूल के बच्चों को सर्दी का मौसम शुरू होने से पहले ही स्वेटर भी बांट दिए गए हैं ताकि बच्चे सर्दियों में बिना किसी समस्या के स्कूल आ सके और मन लगाकर पढ़ सकें. सरकारी स्कूल की सूरत बदलने के लिए की गई विधायक विजेद्र सिंह के प्रयास पर ये लाइनें सटीक बैठती है.
‘माना कि अंधेरा घना है, लेकिन दीया जलाना कहां मना है’
सशक्त भारत निर्माण के लिए शिक्षा व्यवस्था का मजबूत होना जरुरी है ये बात प्रगतिशील विचार रखने वाले खुर्जा विधानसभा से बीजेपी के विधायक विजेन्द्र सिंह बखूबी जानते हैं. स्कूल में बदलाव के लिए अपना उत्तर-प्रदेश ने खुर्जा से विधायक विजेन्द्र सिंह से बात की इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने स्कूल में विकास कार्य कराएं हैं. शिक्षा से ही समाज में बदलाव किया जा सकता है. बातचीत के दौरान बीजेपी विधायक ने बताया कि, इस सरकारी स्कूल के बच्चों को सर्दी का मौसम शुरू होने से पहले ही स्वेटर भी बांट दिए गए हैं ताकि बच्चे सर्दियों में बिना किसी समस्या के स्कूल आ सके और मन लगाकर पढ़ सकें. सरकारी स्कूल की सूरत बदलने के लिए की गई विधायक विजेद्र सिंह के प्रयास पर ये लाइनें सटीक बैठती है.
‘माना कि अंधेरा घना है, लेकिन दीया जलाना कहां मना है’
