नई दिल्ली/लखनऊ: लोकसभा चुनाव के नतीजे आने में भले ही समय है और ये नतीजे किसके पक्ष में आएंगे इसको लेकर अभी केवल कयास लगाए जा सकते हैं. लेकिन विपक्षी दलों ने कमर कसते हुए सरकार बनाने की कसरत शुरू कर दी है. नरेंद्र मोदी को पीएम बनने से रोकने के लिए सभी विपक्षी दल अब एक छतरी के नीचे आते दिख रहे हैं. विपक्ष संदेश देना चाहता है कि, वो सब एक हैं और बीजेपी को रोकने के लिए एक साथ खड़े भी हैं.
राहुल गांधी और नायडू की मुलाकात के मायने
रिजल्ट से पहले अचानकर राहुल गांधी और नयडू कू मुलाकात के कई निहितार्थ निकाले जा रहे हैं. नायडू चुनाव से पहले भी विपक्षी महागठबंधन की मुहिम में लगे थे. अब फिर विपक्ष के मिशन सरकार की मुहिम में तेलगुदेशम पार्टी के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू झंडाबरदार बने है. इस कड़ी में नायडू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात में 23 मई की तमाम संभावनाओं पर सिलसिलेवार बातचीत की बात कही जा रही है. कांग्रेस पहले ही सभी विपक्षी दलों की राय पर सहमति पर राजी होने के संदेश दे चुकी है. कहा तो ये भी जा रहा है कि, मोदी को रोकने की मुहिम में राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद की महत्वकांक्षा को परे रख सकते हैं.
विपक्ष का ‘मिशन सरकार’
लोकसभा चुनाव का रिजल्ट 23 मई को आएगा लेकिन उससे पहले ही विपक्षी आंगन में एकता की अलख जग रही है. फिलहाल मिशन यही कि, किसी तरह से मोदी को रोका जाए. सियासी संभावनाओं के संयोजक बनकर चंद्रबाबू नायडू सभी दलों के मुखियाओं से मिल रहे हैं. राहुल गांधी से मुलाकात के बाद नायडू दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से मिले. माकपा नेता सीताराम येचुरी से मिले. शरद यादव और शरद पवार से मिले. जिन लोगों से मुलाकात नहीं हो पाई उनसे फोन पर बात की गई इनमें सुधाकर रेड्डी और प्रकाश करात जैसे नाम हैं.
मायावती अखिलेश यादव से अहम मुलाकात और ममता पर नजर
विपक्ष के कैनवास पर क्षेत्रीय क्षत्रपों की भूमिका उकेरने का काम प्रगति पर है. इसी कड़ी में चंद्रबाबू नायडू देर रात लखनऊ पहुंचे. लखनऊ में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती से भी मुलाकात की. उत्तर प्रदेश में एक साथ लड़ रहे अखिलेश यादव और मायावती विपक्षी एकता के लिए एक अहम कड़ी साबित हो सकते हैं. दिल्ली में बनने वाली सरकार में इन दोनों दलों का बड़ा रोल होगा. सपा तो बसपा सुप्रीमो मायावती को पीएम बनाने की बात भी कह चुकी है. इससे पहले नायडू टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से भी मुलाकात कर चुके हैं. मायवती और ममता बनर्जी ये दोनों M इस बार की राजनीति में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं.
ऐसे एक हो रहे क्षेत्रीय दल
चंद्रबाबू नायडू के अलावा चंद्रशेखर राव भी एक नया रास्ता बनाने में लगे हैं. इस कड़ी में चंद्रशेखर राव केरल के सीएम विजयन से मिल चुके हैं. DMK नेता स्टालिन से मिलकर अपने दिल की बात कही है वहीं DMK कांग्रेस के लिए एकदम नरम दिख रही है.स्टालिन पहले ही राहुल को पीएम बनाने की बात कहते रहे हैं. सूत्रों की मानें तो बीजद प्रमुख नवीन पटनायक को साधने के लिए उनके स्कूली दिनों के दोस्त कमलनाथ को ये जिम्मेदारी दी गई है.
NDA के घटक दलों पर भी UPA दलों की नजर
बीते कुछ समय से नीतीश कुमार पर सभी की नजरें जमी हैं. हाल ही में नीतीश के करीबी नेता ने ये कहकर सनसनी मचाई थी कि, एनडीए को नीतीश कुमार को पीएम बनाना चाहिए. कांग्रेस नेतृत्व में एकजुट हो रहे विपक्ष की नजर भी नीतीश पर है इनकी कोशिश है कि, कुछ कमी रहने पर नीतीश कुमार पर डोरे डाले जा सकते हैं. शिवसेना और अकाली दल के हाल-फिलहाल के व्यवहार में भी विपक्ष अलग रुख देख रहा है.
विपक्ष की पहली प्राथमिकता, सोनिया की भूमिका
दरअसल, एकजुटता के साथ विपक्ष की पहली प्राथमिकता है कि, किसी भी तरह बहुमत के नंबर ना होने के बाद सिंगल लारजेस्ट पार्टी के नाम पर बीजेपी को पहले मौका देने से रोकना है. सूत्र बताते हैं कि, विपक्ष इस बात पर भी विचार कर रहा है कि, एक ड्राफ्ट बनाकर राष्ट्पति को भेजा जाएगा जिसमें लिखा जाएगा कि, पूरा विपक्ष एक साथ है लिहाजा कम सीटों के बाद भी बीजेपी को पहले सरकार बनाने का मौका ना दिया जाए. इस सबके लिए खुद सोनिया गांधी कमान संभाल सकती है. 23 मई को विपक्षी दलों की मीटिंग बुलाई गई है.
