मथुरा : कान्हा की नगरी में कुछ ऐसा हुआ है कि पुजारियों ने कई मंदिरों के कपाट को बंद कर दिया और स्पष्ट शब्दों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. दरअसल, दानघाटी मंदिर के सामने बने आरती स्थल को प्रशासन द्वारा धवस्त कर दिया गया है. आरती स्थल को धवस्त किए जाने के विरोध में सेवायतों ने मंदिर के पट को अनिश्चितकालीन समय के लिए बंद करने का ऐलान किया है.
कब तक बंद रहेंगे मंदिर के कपाट
मीडिया से बातचीत के दौरान सेवायतों ने कहा कि मंदिरों और तीर्थ स्थलों पर जिला प्रशासन द्वारा जो कार्रवाई की जा रही है वह गलत है. जब तक प्रशासन अपनी यह कार्रवाई नहीं रोकता है वह अपनी हड़ताल को जारी रखेंगे. एक सेवायत ने कहा कि मंदिर के कपाट तब तक नहीं खोले जाएंगे, जब तक कार्रवाई नहीं रूकेगी. उन्होंने कहा कि कार्रवाई रुकने तक वह न तो खुद मंदिर के अंदर प्रवेश करेंगे और न ही किसी श्रद्धालु को करने देंगे.

उदास मन से लौटे श्रद्धालु
मंदिरों के कपाट बंद होने के बाद गुरुवार को मथुरा पहुंचे श्रद्धालु उदास मन से लौट गए. एक श्रद्धालु ने कहा कि प्रशानिक अधिकारी की कार्रवाई है वह उस पर कुछ बोलना नहीं चाहते हैं, लेकिन मंदिरों में प्रवेश न करने देना गलत है.
दिल्ली की एनजीटी कोर्ट ने दिया था आदेश
गौरतलब है कि कुछ वक्त पहले दिल्ली की एनजीटी कोर्ट ने गोवर्धन गिरिराज जी पर्वत के किनारे अतिक्रमण को तत्काल प्रभाव से धवस्त करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा कि मंदिर का यह हिस्सा वह सरकारी जमीन का अतिक्रमण है. कोर्ट ने आदेश के बाद मथुरा जिला प्रशासन ने जेसीबी से अवैध निर्माण को धवस्त किया था.
