नई दिल्ली : #MeToo मूवमेंट के तहत लगे आरोपों को झेल रहे केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर रविवार को विदेश दौरे से भारत लौटे. फिर क्या था दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर उन्हें पत्रकारों ने अपने सवालों से घेर लिया और फिर एक के बाद एक सवाल दागने लगे. वहीं, अकबर ने कहा कि वे अपने ऊपर लगे आरोपों पर बाद में बयान जारी करेंगे.
#MeToo के तहत आरोप लगते ही एमजे अकबर नाइजीरिया के दौरे पर चले गये थे तब से अब रविवार को भारत आये हैं. केंद्रीय मंत्री पर लगे आरोपों की वजह से उन पर लगातार कुर्सी को छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है. इसके अलावा केंद्र में सत्तासीन बीजेपी पर विपक्ष भी दबाव बना रहा है और निशाना साधने में लगा है. इसके अलावा कई महिला संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से एमजे अकबर को अविलंब उनके पद से हटाने की मांग की है.
वहीं, आरोप लगने के बाद से बीते 8 दिनों में एमजे अकबर ने कोई भी बयान या कोई ट्वीट नहीं किया है और न ही इन आरोपों के बारे में कोई सफाई दी है. तो वहीं, माना जा रहा है कि बीजेपी की पार्टी नेतृत्व एमजे अकबर का पक्ष सुनने के बाद ही कोई भी फैसला लेगी. इससे पहले इस बारे में जब अमित शाह से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था कि देखना पड़ेगा कि ये आरोप सच हैं या गलत. शाह ने इस मामले में पोस्ट की सत्यता को जांच की बात की थी. वहीं, मामले में जांच के बारे में उन्होंने कहा कि वे इस पर जरूर सोचेंगे.
जानकारी दे दें कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने #MeToo से जुड़े सभी मामलों को गंभीरता से लिया है और इसके लिए एक जांच कमेटी का गठन भी कर दिया है. इस कमेटी के सदस्यों में रिटायर्ड जज और कानूनविद शामिल हैं. जानकारी दे दें कि अभी #MeToo कैंपेन के जरिये अलग-अलग क्षेत्र की कई महिलाओं ने कई हस्तियों और उच्च पद पर कार्यरत लोगों पर आरोप जड़े हैं. तो वहीं कई महिला पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. ये घटनाएं तब की है जब एमजे अकबर एशियन एज समेत कई संस्थानों में वरिष्ठ पद पर थे.
