लखनऊः समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सपा नेता आजम खान, उनके मीडिया प्रभारी फसाहत खां, तत्कालीन सीओ आले हसन, एसओजी सिपाही धर्मेन्द्र सहित 40 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. इन पर गरीबों के तबेले से जबरन भैंसे खुलवाने और दिनदहाड़े डाका डलवाने की साजिश रचने का आरोप लगा है. आजम खां पर इसी तरह के अब तक नौ मुकदमें दर्ज किए गए हैं. वहीं, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव आजम खान के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं.
समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान घोसियान मोहल्ला में पुलिस फोर्स के जरिए यतीमखाना खाली कराया गया था. इस दौरान घरों को ध्वस्त कर दिया गया था. इसी यतीमखाने की जमीन पर आजम खां का रामपुर पब्लिक स्कूल बनवाया जा रहा है. यतीमखाना के बाशिंदों ने ही डीएम और एसपी से शिकायत की थी. इन शिकायतों के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है. यतीमखाना निवासी कमर पुत्र बदलू और इरफान पुत्र शराफत की ओर से मुकदमें दर्ज कराये गए हैं. एसपी डाॅ. अजय पाल ने बताया कि पीड़ित परिवारों ने शिकायत की थी. इनकी जांच कराई गई थी. जांच के बाद तहरीर के आधार पर आजम खां सहित सभी आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है.
वहीं, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने रामपुर से सपा सांसद आज़म खान का बचाव किया है. जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर मुलायम ने कहा कि आज़म खान के खिलाफ गलत तरीके से केस दर्ज किए गए. उन्होंने कहा कि आज़म खान ने पूरी ज़िंदगी मेहनत की और चंदे से जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण कराया. इस दौरान उन्होंने सपा के सभी कार्यकर्ताओं, नेताओं को आजम के समर्थन में खड़े होने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आज भाजपा के नेता भी कह रहे हैं कि ऐसा करने से उन्हें नुकसान होगा.
