लखनऊ: एनआईए अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का एक और मॉड्यूल तोड़ने के लिए यूपी के अमरोहा और हापुड़ समेत कई शहरों में छापेमारी कर रही है. एनआईए की टीम ने हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अट सैनी में छापा मारकर 3 लोगों को हिरासत में लिया है. वहीं बदरखा गांव में भी छापे की सूचना मिली है. सुबह करीब 9 बजे एनआईए की टीम गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली में मौजदू थी. एनआईए ने बुलंदशहर में भी छापेमारी की औऱ एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. एनआईए की टीम हबीब को दिल्ली अपने साथ ले गई.
आपको बता दें कि पश्चिमी यूपी में अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का एक और मॉड्यूल तोड़ने में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सफलता मिली है. इससे पहले एनआईए ने बीते शुक्रवार देर रात मेरठ के मुंडाली थाना क्षेत्र के जिसौरा गांव के मोहम्मद अफसार को हापुड़ से गिरफ्तार कर लिया था. अफसार से पूछताछ के बाद शनिवार सुबह करीब साढे़ चार बजे गाजियाबाद के धौलाना क्षेत्र के पिपलेड़ा गांव से युवक शहजाद को भी हिरासत में लिया गया. इसके अलावा मेरठ के जिसौरा और अजराड़ा गांव समेत गाजियाबाद व हापुड़ में कई जगह छापेमारी की गई है.
न्यूज एजेंसी ने की छापेमारी की पुष्टि
एनआईए के मुताबिक, अफसार (24) और शहजाद (21) पिपलेड़ा के ही जामिया हुसैनिया अबुल हसन मदरसे में शिक्षक थे. एनआईए टीम ने शहजाद से एक पैन ड्राइव, एक मेमोरी कार्ड और कुछ संदिग्ध किताबें बरामद की हैं. वहीं, अफसार की निशानदेही पर अजराड़ा निवासी उसके मामा के यहां से एक बैग और मोबाइल बरामद किया गया. एनआईए का दावा है कि अफसार उन लड़कों में है जो दिल्ली औऱ उत्तर भारत के अन्य शहरों में आत्मघाती हमलों व बम धमाकों को अंजाम देने की फिराक में हैं और इसके लिए वह मई और अगस्त में इफ्तिकार साबिर के साथ जम्मू-कश्मीर के तीन स्थानों पर भी गया था. ये सभी आईएस से जुड़ी संस्था हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम के लिए काम करते हैं. एनआईए ने अफसार को दिल्ली में कोर्ट के सामने पेश कर पूछताछ के लिए छह दिन का रिमांड ले लिया.
26 दिसंबर को भी हुई थी छापेमारी
इससे पहले 26 दिसंबर को भी एनआईए ने मेरठ, हापुड़ और अमरोहा समेत 17 जनपदों में छापेमारी कर गिरफ्तारियां और बरामदगी की थीं. एनआईए ने अब तक कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया हैं. वहीं जानकारी मिली है कि शहजाद ने गाजियाबाद के कॉलेज से बीए पास कर रखा है और गांव के मस्जिद परिसर में ही बने मदरसे में हिंदी पढ़ाता था.
