यूपी में नई जनसंख्या नीति का ऐलान, जाने क्या है खास…

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लखनऊ: जनसंख्या दिवस को मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश जनसंख्या नीति 2021-2030 जारी कर दी. विश्व जनसंख्या दिवस के इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि, बढ़ती हुई जनसंख्या विकास में बाधक हो सकती है.बीते 40 सालों से कई बार इसकी चर्चा हुई. जिन देशों और राज्यों ने प्रयास किए वहां सकारात्मक नतीजे देखने को मिले ।

 नई जनसंख्या नीति क्या?
नई जनसंख्या नीति में नवजात मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर को कम करने की कोशिश होगी.  11 से 19 वर्ष के किशोरों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के बेहतर प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी. नई नीति में गर्भ निरोधक उपायों की सुलभता को बढ़ाने, सुरक्षित गर्भपात की समुचित व्यवस्था देने, नपुंसकता- बांझपन की समस्या का समाधान करने, बुजुर्गों की देखभाल के लिए व्यापक व्यवस्था की जाएगी. नई नीति जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रयासों को तेज करने वाली होगी।

2 बच्चों पर राहत, ज्यादा पर आफत

जनसंख्या कानून के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार उन कर्मचारियों को पदोन्नति (प्रमोशन), वेतन वृद्धि (इनक्रीमेंट), आवास योजनाओं में रियायतें और अन्य भत्ते देगी जो जनसंख्या नियंत्रण मानदंडों का पालन करेंगे या जिनके दो या उससे कम बच्चे हैं। दो संतानों के मानदंड को अपनाने वाले सरकारी कर्मचारियों को पूरी सेवा के दौरान दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि, पूरे वेतन और भत्तों के साथ 12 महीने का मातृत्व या पितृत्व अवकाश और राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत नियोक्ता (employer) अंशदान कोष में तीन प्रतिशत की वृद्धि मिलेगी।

20 साल तक फ्री चिकित्सा व्यवस्था

जो लोग सरकारी कर्मचारी नहीं हैं और जनसंख्या को नियंत्रित करने में योगदान देते हैं, उन्हें पानी, आवास, गृह ऋण आदि करों में छूट जैसे लाभ मिलेंगे। यदि किसी बच्चे के माता-पिता या कोई एक नसबंदी का विकल्प चुनता है तो उन्हें  20 साल की उम्र तक मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।

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