लाखों लोगों ने ली संविधान और आरक्षण बचाने की शपथ, पदोन्नति में आरक्षण को भरी हुंकार

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लखनऊ: आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश की ओर से संविधान दिवस के महत्वपूर्ण मौके पर राजधानी लखनऊ के अलावा सभी जिलों में आरक्षण समर्थक कार्मिकों ने संविधान को मजबूत करने और आरक्षण बचाने की शपथ ली. करीब 8 लाख आरक्षण समर्थकों ने तमाम जिलों में सोमवार सुबह सात बजे संविधान बचाने का संकल्प और आरक्षण बचाने की शपथ ली.

अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में ‘संकल्प सभा’
राजधानी लखनऊ में संघर्ष समिति संयोजक मण्डल द्वारा सुबह 7 बजे सामाजिक परिवर्तन प्रतीक स्थल गोमती नगर में समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में ‘संविधान दिवस’ पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. सामाजिक परिवर्तन स्थल पर हुई इस सभा में बड़ी संख्या में आरक्षण समर्थक इकट्ठा हुए वहीं अवधेश कुमार वर्मा ने सभी को संविधान और आरक्षण बचाने की शपथ दिलाते हुए कहा कि, ‘बाबा साहब द्वारा आज ही के दिन देश को संविधान समर्पित किया गया था. यह दिन देश के आरक्षण समर्थकों के लिये सबसे गौरवशाली दिन है’.

पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा भी गरमाया
इस अवसर पर पदोन्नति में आरक्षण के लंबित बिल को अतिशीग्र लागू करने की पुरजोर मांग भी उठाई गई. संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने केन्द्र की मोदी सरकार व प्रदेश की योगी सरकार पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि, एक तरफ पदोन्नति में आरक्षण का बिल लम्बित कर कार्मिकों का उत्पीड़न कराया जा रहा है और वहीं दूसरी ओर माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश के क्रम में अभी तक यूपी में पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था बहाल नहीं करायी गई है. जिससे पूरे प्रदेश के दलित कार्मिकों में भारी रोष व्याप्त है.

कौन-कौन हुए शामिल, क्या हुआ ऐलान
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति की इस सभा में संयोजक अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डॉ. रामशब्द जैसवारा, आर.पी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार,पी.एम प्रभाकर, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, रीना रजक, एस.पी सिंह, लेखराम, राकेश पुष्कर, प्रेम चन्द्र, अशोक सोनकर, बनी सिंह, जितेन्द्र कुमार, रेनू, अनीता, अंजली गौतम, सुधा, शिवदेवी, योगेन्द्र कुमार, रामेन्द्र कुमार, सुशील कुमार, प्रभुशंकर राव, प्रवेश कुमार, रामराज, सुनील कनौजिया ने सर्वसम्मति से यह ऐलान किया कि जिस प्रकार से दलित कार्मिकों को अपमानित किया जा रहा है. अब आरक्षण समर्थकों का आंदोलन शहर से गांव की तरफ बढ़ेगा और एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेगा.

सांसदों पर भी फूटा गुस्सा- जनप्रतिनिधियों से होंगे सवाल
पूरे देश में आरक्षित सीट से जीत कर आने वाले सांसदों के खिलाफ आरक्षण समर्थकों का गुस्सा चरम पर दिखा. इस अवसर पर संघर्ष समिति ने एक बड़ा फैसला लेते हुए बताया कि, अब एक नया अभियान ‘गांव में लगाओ चैपाल- दलित जनप्रतिनिधियों से करो सवाल’ चलाया जायेगा. जिसके माध्यम से बाबा साहब के करोड़ों अनुयायियों को यह बताया जायेगा कि, जिन्हें आपने बाबा साहब की संवैधानिक व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए अपना जनप्रतिनिधि चुना वह आरक्षण विरोधियों के षड़यंत्र में शामिल हैं और बाबा साहब की संवैधानिक व्यवस्था आरक्षण खतरे में है.

दलित स्टूडेंट्स यूनियन ने भी कराया आयोजन
‘संविधान दिवस’ के मौके पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के बहुजन छात्र संगठन अम्बेडकर यूनिवर्सिटी दलित स्टूडेंट्स यूनियन (AUDSU) के द्वारा भी ‘संविधान दिवस’ पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस संगोष्ठी में देश के कोने-कोने से संविधान के महान विद्वान, शिक्षाविद, डॉक्टर एंव अन्य विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने भाग लिया. AUDSU संगठन के बैनर तले विश्वविद्यालय के हजारों छात्र/छात्राओं ने संविधान को बचाने, अधिकारो को लागू कराने, संविधान को मजबूत करने व आरक्षण को बचाने के लिए संविधान की प्रस्तावना पढ़कर संकल्प लिया.

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