प्रयागराज: इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सियासी गलियारों में नाम बदलने का संग्राम चल ही रहा था कि, मामला अब अदालत पहुंच गया है. नाम बदलने के सरकार के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. सुनीता शर्मा नाम की वकील ने जनहित याचिका दाखिल की है. इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पक्षकार बनाया गया है।
याचिका का आधार क्या है?
याचिका में सरकार के फैसले की वैधता को चुनौती दी गई है. इस संबंध में कहा गया है कि, इला नाम पर इलाहाबाद बसाया गया था जिसे बाद में इलाहाबाद पुकारा जाने लगा. इतना ही नहीं अर्धकुंभ को कुंभ घोषित करने पर भी आपतति जताई गई. इन दोनों ही मामलों पर अब हाईकोर्ट सुनवाई के लिए विचार करेगा.

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क्या है इलाहाबाद की इल, इला की पौराणिक कथा?
पुराणों के अनुसार वैवस्वत मनु श्रद्धा को कोई संतान नहीं थी तो मित्रावरुणों को खुश करने के लिए उन्होंने पुत्रकामेष्टि यक्ष कराया. लेकिन श्रद्धा कन्या चाहती थीं और हुआ भी यही यज्ञ के बाद उन्होंने कन्या को जन्म दिया जिसका नाम इला रखा गया. लेकिन मनु जो पु्र चाहते थे उनके प्रार्थना करने पर वरिष्ठ ने कन्या को पुत्र बना दिया तो उसका नाम इल रखा गया. एक दिन शिकार करते-करते वो उस जगह पर पहुंच गए जहां कार्तिकेय का जन्म हुआ. उस जगह शंकर भगवान स्त्री का रुप धारण कर माता पार्वती का मनोरंजन कर रहे थे. सब जानवर पक्षी भी उस समय मादा बन गए थे उसी के कारण इल फिर स्त्री बन गए.
फिर कैसे बसा इलाहाबाद?
स्त्री बनने पर इल ने हताश होकर माता पार्वती से प्रार्थना की तब पार्वती ने उन्हे पूर्ण रुप से पुरुष बनने के बजाए एर महीने स्त्री और एक महीने पुरुष होने का वरदान दिया. स्त्री बनने के समय पुरुष रुप की बाते भूल जाते थे. रास्ते में लौटते वक्त स्त्री रुप में चंद्र पुत्र बुध मिल गए. बुध इला पर मोहित हो गए और शादी कर ली. उसके बाद उनके स्त्री पुरुष बनने का सिलसिला चलता रहा. इला ने बुद्ध के एक पुत्र पुरुरवा को जन्म भी दिया. बाद में बुद्ध के बेटे ने अश्वमेध यज्ञ कराया जिससे खुश होकर भगवान शंकर ने इला को पुरुष बना दिया. तब इला के नाम पर इसका नाम इलाहाबाद पड़ा.
बता दें कि, अभी तक इलाहाबाद को अकबर का बसाया हुआ बताया जाता रहा है. कहा जाता है कि, अकबर ने यहां इलाबास बसाया था जो बाद में इलाहाबाद हुआ. यही वजह है कि, सरकार ने इलाहाबाद का नाम बदलकर इलाहाबाद करने का फैसला लिया है.
