साथ नहीं आएंगे चाचा-भतीजे, शिवपाल नहीं करेंगे सपा में वापसी

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लखनऊ: पिछले काफी दिनों से शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के एक होने की खबर पर विराम लग गया है. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी, लोहिया (Pragatisheel Samajwadi Party, Lohia) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) में शामिल होने की अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया है. शिवपाल की ओर से कहा गया है कि प्रसपा और सपा का विलय नहीं हो रहा है.

प्रसपा की ओर से जारी किया गया प्रेस नोट
सोमवार शाम को प्रसपा की ओर से जारी किए गए प्रेस नोट में कहा गया है कि यह खबरें सोशल मीडिया पर विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही है. नोट में आगे लिखा है कि इस तरह की खबरें झूठी हैं.

अखिलेश यादव ने कही ये बात…
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों अखिलेश यादव ने कहा था कि अगर शिवपाल यादव अगर समाजवादी पार्टी में वापस आना चाहते हैं तो उनका स्वागत है.

कब हुई थी लड़ाई
उत्तर प्रदेश में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यादव परिवार और समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के बाद अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव के बीच सुलह की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं, लेकिन उसके बाद पहली बार यह संकेत मिले थे कि दोनों के बीच करीब तीन साल से चली आ रही तनातनी सुलझ सकती है. इसकी शुरुआत प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने ही की थी. कुछ दिनों पहले उन्होंने मैनपुरी में कहा था कि उनकी तरफ से सुलह की पूरी गुंजाइश है. इसके बाद अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि शिवपाल का घर में स्वागत है. अगर वे आते हैं तो उन्हें पार्टी में आंख बंद कर शामिल करूंगा.

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