आजमगढ़: पूर्व सपा नेता और बाहुबली पूर्व सांसद रमाकांत यादव (Ramakant Yada) एक बार फिर घर वापसी करने जा रहे हैं. बीजेपी से नाराज चल रहे रमाकांत यादव ने समाजवादी पार्टी में शामिल होने की घो।णा की है. वो 6 अक्टूबर को सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी की सदस्यता लेंगे.
सपा, बीजेपी, कांग्रेस और अब फिर सपा
मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे रमाकांत यादव ने सपा छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ले ली थी. लेकिन 2019 में बीजेपी से टिकट ना मिलने पर वो कांग्रेस में शामिल हो गए थे. निरहुआ को टिकट मिलने से नाराज रमाकांत ने बीजेपी छोड़ दी थी. 2014 में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर मुलायम सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था. 2019 में टिकट ना मिलने पर वो कांग्रेस के टिकट पर वो भदोही से मैदान में उतरे थे लेकिन हार का सामना करना पड़ा था. लिहाजा एक बार फिर वो अपने पुराने घर समाजवादी पार्टी में वापस लौट रहे हैं. एक समय रमाकांत यादव ने ही निर्दलीय राजनीति की शुरुआत की थी.
सपा में लाश भी ना जाने की बात कही थी
दरअसल, 2004 में सपा से अलग होते वक्त बाहुबली रमाकांत यादव ने कहा था कि, वो अब कभी सपा में नहीं जाएंगे. तब उन्होंने कहा था कि, जीते जी तो छोड़ो मेरी लाश भी समाजवादी पार्टी में नहीं जाएगी. अब सपा में शमिल होने के फैसले पर बीजेपी ने कहा कि, रमाकांत राजनीतिक मृतक हैं.
4 बार MLA और सांसद रहे हैं रमाकांत
बाहुबली रमाकांत यादव के राजनीतिक सफर की बात करें तो 1985 में वो आजमगढ़ से पहली बार निर्दलीय विधायक बने थे. 1989, 1991, 1993 में भी विधानसभा पहुंचे. वहीं 1996 और 1999 में वो सपा के टिकट लोकसभा भी पहुंचे. 2004, 2009 में फिर लोकसबा के सांसद बने. अपने सियासी सफर में वो सपा, कांग्रेस, बसपा, बीजेपी सभी पार्टियों में रह चुके हैं.
