नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश (UP Chunav 2022) में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इन चुनावों में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) बीजेपी (BJP) को कड़ा मुकाबला देने की तैयारी कर रही है. इसके लिए पार्टी आजम खान को मुक्त करो अभियान, राज्य भर में साइकिल यात्रा, प्रत्येक बूथ पर दो महिला पार्टी कार्यकर्ताओं को नामित करना, प्रत्येक बूथ पर मतदाताओं की संख्या को बढ़ाना और उन्हें पार्टी के पक्ष में लाना, व्यापारियों तक पहुंच, पिछड़े वर्ग की बैठकों के साथ युवाओं व किसानों को संगठित कर अपने पक्ष में लाने जैसे प्रयास कर रही है. अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी 2022 के अभियान को इसी तर्ज पर धार दे रही है.
समाजवार्टी पार्टी के नेता सड़कों पर उतर आए हैं और समाजवादी पार्टी जनादेश यात्रा, चलो बूथ के पास चौपाल, किसान नौजवान पटेल यात्रा और संविधान बचाओ संकल्प यात्रा जैसे कई अभियान जिलों और गांवों में चला रही है. ताकि मतदाताओं के एक वर्ग तक पहुंच बनाई जा सके. पार्टी मतदाताओं तक पहुंचने के लिए ‘नई हवा है, नई सपा है’, ‘यूपी का ये जनादेश, आ रहे अखिलेश’ और ‘बड़ों का हाथ, युवा का साथ’ जैसे नारे लगा रही है.
फ्री आजम खान
समाजवादी पार्टी इस बार यूपी में बीजेपी सरकार के खिलाफ मुस्लिम वोटों को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ, पार्टी अपने सबसे बड़े मुस्लिम नेता और रामपुर के सांसद आजम खान की रिहाई को अपने अभियान में एक मुख्य मुद्दा बना रही है. यह इस धारणा को दूर करने के लिए है कि पार्टी आजम खान के पक्ष में नहीं थी, जो लगभग एक साल से जेल में हैं.
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अखिलेश यादव हाल ही में आजम खान के परिवार से मिलने रामपुर गए और जौहर यूनिवर्सिटी गए. उन्होंने कहा है कि वे और पार्टी पूरी तरह से आजम खान के साथ खड़े हैं और उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध है.
