लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को आए हुए बहुत ज्यादा दिन भी नहीं हुए है कि, उन्होंने कम समय में ही प्रदेश के लोगों का दिल जीत लिया है. ताजा मामला एक मासूम बेटी को गोद लेने का है. दरअसल, राज्यपाल आनंनदी बेन पटेल ने टीबी से पीड़ित एक 8 साल की बच्ची को गोद लेने की पहल की है. राज्यपाल अब उसकी दवा से लेकर पौष्टिक खाने तक का ख्याल रखेंगी. इस पहल के बाद बच्ची की आंखें खुशी से नम हो गई.
8 साल की बच्ची को लिया गोद
दरअसल, मोहसिना (काल्पनिक नाम) टीबी की बीमारी से पीड़ित है. राजभवन में इसको लेकर हुआ था. इस कार्यक्रम के दौरान जैसे ही राज्यपाल ने बच्ची के सिर पर हाथ रखा तो मासूम के चेहरे पर खुशी के भाव दिखाई दिए. राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने उस बच्ची को गोद लेते हुए उसके इलाज और उचित खान पान का जिम्मा लिया है.
यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी ने 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का जो लक्ष्य रखा है उसी को ध्यान में रखकर राजभवन ने आगे बढ़कर टीबी से पीड़ित बच्चों को गोद लेने का फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि, एक बच्चे को गोद लेना बाध्यता नहीं है एक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि, वो समाज की मदद करे, जो लोग अमीर हैं वो उन लोगों को पैसे देकर मदद करें जिन्हें मदद की जरुरत है, ये कदम छोटे हैं लेकिन एख बड़े लक्ष्य को हसिल करने में मदद कर सकते हैं.
प्रेरित होकर राजभवन के अफसरों ने 21 बच्चे गोद लिए
आनंनी बेन पटेल की पहल से राजभवन के अधिकारी भी इतने प्रभावित हुए कि उन लोगों ने टीबी से पीड़ित 21 बच्चों को गोद ले लिया. ये सभी बच्चे राजभवन के आस-पास के क्षेत्र के हैं. सूचना अधिकारी के मुताबिक इन बच्चों की दवा और खाने की निगरानी की जाएगी. .
क्षय
रोग विभाग ने शुरू की मुहिम, आप भी ले सकते हैं गोद
दरअसल, क्षय रोग विभाग ने 18 साल से कम उम्र के बीमार बच्चों को गोद लेने की पहल की है. राज्य सरकार ने ऐसे बच्चों के खाने के लिए 500 रुपए का भत्ता तय कर रखा है. विभाग की डॉक्टर के मुताबिक अघर इन बच्चों को पौष्टिक खाना मिल जाए तो ये जल्दी ठीक हो सकते हैं. वहीं विभाग के मुताबिक कोई सक्ष्म व्यक्ति, संस्था, कॉरपोरेट हाउस, लायंस या रोटरी क्लब जैसी संस्थाएं टीबी से पीड़ित बच्चा गोद ले सकती है. इशके लिए जिला क्षय रोग निवारण अधिकारी से संपर्क करना होगा. वहां से ना मिलने के बाद बच्चे के माता-पिता या अभिभावक से सहमति लेनी पड़ेगी. और शर्त ये होगी की बच्चे का नाम सार्वजनिक ना किया जाए.
