लखनऊ: बरेली जिले से ऐसा मामला सामने आया है, जिसे देखकर आपका कलेजा कांप उठेगा. यहां कोरोनावायरस संक्रमित वजीर अहमद (35) की बुधवार को मौत हो गई थी. उसका शव वार्ड में ही कफन में रखा दिया था. इस बीच दूर खिड़की के बाहर खड़ी वजीर अहमद की पत्नी आंखों में आंसू लिए उसे अपनी पहली मुलाकात के किस्से सुना रही थी. वह गीत भी गाया, जो उसके पति वजीर ने उसे देखकर गाया था. जिसने भी ये दृश्य देखा, उसका कलेजा कांप उठा.
आंखों में आंसू लिए गाती रही गाना
मौत की खबर वजीर अहमद के परिजन अस्पताल पहुंचे थे. लेकिन, पास जाने की मनाही थी तो खिड़की की जाली से वजीर के शव को लोग निहार रहे थे. वजीर की पत्नी भी पहुंची थी. वह आंखों में आंसू व रुंधे गले से कहती है कि, उठकर जल्दी आ जाओ… रात में तुम्हें कहीं इधर-उधर लिटा देंगे… इतने दिन तुम्हे मुझसे दूर रखा. कैसे मैने बर्दाश्त किया है? एक-एक पल कैसे कटा है? मुझसे पूछो.
फफक-फफक कर रोती रही
परिजन उसे खिड़की से हटाना चाहते हैं, लेकिन वह कुछ और पल रुकने की मिन्नत करती है. वह कहती है कि, मैं बात कर लूं. ध्यान कर लूं सब. मैं उनकी बीवी हूं. बीवी सबसे ज्यादा करीब होती है. वह वजीर के शव से सवाल करती- लोग कहते हैं तुम्हे कोरोना हुआ है? मैं तुम्हारी बीवी हूं, तो मुझे नहीं हुआ? बच्चों को नहीं हुआ? बेटी तो गोद में बैठी थी तुम्हारे। तुम्हे खाना खिलाया था.
हुई थी लव मैरिज
वह रह-रहकर कहती है कि हमारी लव मैरिज हुई थी. रोते-रोते गाना गाती है कि, तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती नजारे हम क्या देखें, यह सुनते ही लोग रो पड़ते हैं. चांद सी महबूबा हो, हां मे बिल्कुल वैसी हूं जैसा तुमने सोचा था. पहली बार मिले थे तो यही गाना सुनाया था न? अस्पताल में मिले थे. मेरी तबियत खराब हो गई थी. इन्होंने मेरी जान बचाई थी. पहली नजर में ही प्यार हो गया था. इन्होंने अपने पापा को मेरे घर भेजा था. ये पुराने गानों के बहुत शौकीन हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
