बीएड वालों को योगी सरकार का ‘बेसिक’ तोहफा, बीटीसी वालों ने दिखाए तेवर!

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सराकर ने प्रदेश के लाखों बीएड डिग्रीधारियों को बड़ा तोहफा दिया है. अभी तक बंद रहे प्राथमिक विद्यालयों के बंद दरवाजों को अब बीएड वालो के लिए भी खोल दिया है. दरअसल, योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में संशोधन के प्रस्ताव पर मुहर लगाई है. इसके बाद बेसिक शिक्षा में बीटीसी वालों के साथ-साथ बीएड डिग्रीधारियों के लिए भी सहायक शिक्षक भर्ती में शामिल होने का रास्ता खुल गया है. यानि, बीएड वाले भी अब कक्षा 1 से 5 तक प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के पात्र होंगे. केवल शर्त ये कि, बीएड अभ्यर्थियों को 2 साल के भीतर 6 महीने का ब्रिज कोर्स पूरा करना होगा.

बीएड वाले अभी तक किसके लिए योग्य थे
दरअसल, अभी तक बीएड टीईटी वालो को केवल कक्षा 6 से कक्षा 8 तक यानि जूनियर हाईस्कूल की भर्ती में ही शामिल होते थे. इससे पहले साल 2011 में निकली 72825 सहायक शिक्षक भर्ती में ही बीएड वालों को शामिल किया गया था. लेकिन वो भर्ती पूरी ही नहीं हो पाई.

अभी कितने बीएड डिग्रीधारी हैं?
बीएड वालों की संख्या करीब 10 लाख बताई जाती है लेकिन TET 2018 की परीक्षा के आंकड़ों के मुताबिक देखें कों ये संख्या करीब 14 लाख है. इस भर्ती परीक्षा में 18 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे इनके बीएड वालों की संख्या करीब 14 लाख थीं. वहीं टीईटी में बीएड वालों के शामिल होने से इसके परीक्षा परिणाम में भी सुधार दिखा था. बीएड वालों ने इस परीक्षा में परचम फहराया था.

बीएड को ‘तोहफा’ देने पर बीटीसी वालों ने दिखाए तेवर
योगी सरकार द्वारा बीएड को बेसिक में शामिल करने पर अब बीटीसी वालों ने तेवर दिखाए हैं. दरअसल, अब तक शिक्षामित्र और बीटीसी वालों का ही दबदबा रहता था अब बीएड को शामिल करने पर कॉम्पटिशन का बढ़ना तय है. वहीं बीटीसी वालों का कहना है कि, अब हमें भी एलटी ग्रेड और टीजीटी में मौका दिया जाए.

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