लखनऊ. कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रान (Omicron variant) को लेकर योगी सरकार (Yogi Government) ने चक्रव्यूह तैयार कर लिया है. राज्यस्तरीय स्वास्थ्य परामर्श समिति ने इस नए वेरिएंट के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अपनी रिर्पोट तैयार कर ली है. प्रदेशवासियों को कोरोना के नए वेरिएंट से बचाने के लिए सरकार ने हर जिले की सुरक्षा व सर्तकता के लिए चक्रव्यूह तैयार कर लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महामारी से बचाव और इलाज के संबंध में राज्यस्तरीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ परामर्श समिति के बिन्दुओं पर गंभीरता से काम करने संग टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.
कोरोना संक्रमण के इस नए वेरिएंट और संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए सभी जिलों में पूरी सक्रियता से सरकार ने काम शुरू कर दिए हैं. प्रदेश सरकार ने स्वच्छता, कोविड प्रोटोकॉल, फोकस टेस्टिंग, टीकाकरण, सर्विलांस, सैनिटाइजेशन को इस चक्रव्यूह का हिस्सा बनाया है. प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में 100 बेड वाले पीकू-नीकू और सीएचसी और पीएचसी में 50 नए बेड की व्यवस्था कर दी गई है.
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सीएम ने आला अधिकारियों को नए वेरिएंट को लेकर अस्पतालों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही प्रदेश सरकार ऑक्सीजन, बेड, लैब जैसी व्यवस्थाओं पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है.
प्रदेश की 3011 पीएचसी और 855 सीएचसी को सभी अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया जा रहा है. सरकार ने प्रदेश में 73000 निगरानी समितियों को भी जिम्मेदारी सौंपी हैं. कोरोना प्रबंधन में अव्वल रहने वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में कोरोना की पहली लहर में कम समय में जांच की रफ्तार को बढ़ाया था जिसके बाद यूपी प्रतिदिन ढाई लाख से अधिक आरटीपीआर जांच करने में सक्षम है. ऐसे में नए वेरिएंट को ध्यान में रखते हुए भविष्य में जीनोम सीक्वेंसी की रफ्तार को बढ़ाने में भी यूपी में सक्षम है. सीएम ने पीजीआई, केजीएमयू में जीनोम परीक्षण को तेज करने के आदेश दिए हैं.
