उन्नाव रेप मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा-कोर्ट में पेश किए जाए CBI अधिकारी

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नई दिल्ली : इन दिनों उन्नाव गैंगरेप मामला लगातार चर्चा का विशेष बना हुआ है, वहीं इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो पहले के 4 केस देश की राजधानी दिल्ली ट्रांसफर कर देगा, इसकी मांग पीड़िता लड़की की मां ने की थी. इसके अलावा SC ने कहा कि वो इस मामले की सुनवाई 12 बजे करेंगे, उस दौरान उन्हें CBI का एक जिम्मेदार अधिकारी कोर्ट में मौजूद चाहिए, जिसे इस मामले से जुड़ी जांच के बारे में जानकारी हो.

सीजेआई ने सॉलिसिटर जनरल से भी कहा है कि वो सड़का हादसे और रेप से संबंधित मामले में CBI निदेशक से बात करें. उन्होंने आगे कहा कि जरूरत पड़ने पर चैम्बर में भी सुनवाई की जा सकती है. इस पर सॉलिसिटर जनरल टी मेहता ने प्रधान न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई को जानकारी देते हुए कहा कि CBI डायरेक्टर से बात की गई थी और जो इस मामले की जांच कर रहे हैं वो अधिकारी लखनऊ में हैं और उनका 12 बजे तक दिल्ली पहुंचना संभव नहीं हो सकेगा. जिसके बाद उन्होंने मांग करते हुए कहा कि आप इस मामले की सुनावाई पर शुक्रवार को कर लीजिए, लेकिन CJI ने इस मांग को मानने से मना कर दिया.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने सॉलिसिटर जनरल टी मेहता की दलील को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले की जानकारी CBI निदेशक टेलीफोन पर ले सकते हैं, जिससे गुरुवार को वो पीठ को अवगत करा सकते हैं. साथ ही पीठ ने सॉलिसिटर को निर्देश देते हुए कहा कि वो उनके सामने 12 बजे तक एक ऐसे जिम्मेदार अधिकारी को मौजूद करें जिसे रेप और बाद हुई दुर्घटना के मामले की पूरी जानकारी हो.

आपको बता दें कि इस पीठ के सदस्य न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और दीपक गुप्ता भी हैं. इस पीठ ने कहा है कि, “हम सभी मामलों को स्थानांतरित करने जा रहे हैं. हम इस संबंध में आदेश पारित करेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि सीबीआई को दोनों मामले में हस्तांतरित कर दिए गए हैं, इसलिए वो किसी जिम्मेदार CBI अधिकारी से जानकारी प्राप्त करने के बाद में आदेश पास करेगा.

आपका जानकारी के लिए बता दें कि SC रेप पीड़िता के उस खत पर सुनवाई कर रही है, जिसमें पीड़िता ने CJI को खत लिखकर बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के कथित साथियों से अपनी जान को खतरे की आशंका के बारे में बताया था. बीते रविवार को पीड़िता लड़की की कार को एक ट्रक ने टक्कर मारी थी, जिसमें उसकी चाची और मौसी की मौत हुई थी, जबकि वो और उसका वाकिल गंभीर रूप से घायल हुए थे.

SC ने उन्नाव रेप मामले को बुधवार, 31 जुलाई को संज्ञान में लेते हुए अपने सेक्रेटरी जनरल से रिपोर्ट की मांगी की और कहा कि 17 जुलाई से इस पत्र को उनकी जानकारी में क्यों नहीं लाया गया. प्रधान न्यायाधीश ने कहा था कि, “दुर्भाग्यवश, यह पत्र अभी तक सामने नहीं आया है लेकिन समाचार पत्रों में ऐसे खबर प्रकाशित हुयी है कि मानो मैंने इस पत्र को पढ़ लिया है.” उन्होंने आगे कहा कि ये पत्र मंगलवार को शाम 4 बजे तक उनकी जानकारी में नहीं लाया गया. पीठ ने कहा कि इस मामले में समाचार पत्रों ने ऐसे पेश किया कि जैसे पीठ ने इस पर कोई कार्रवाई की ही नहीं है.

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