शानदार! अखिलेश यादव ने लगने से पहले ही धो दिया दाग

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी का कलर और कलेवर बदलने लगे समा सुप्रीमो अखिलेश यादव अपने कार्यकर्ताओं को संयम और समाजवाद का सबके देना शायद ही कभी भूलते हो. बीते विधानसभा चुनाव की हार को भुलाकर अखिलेश यादव हर मोर्चे पर पार्टी को मजबूत करने मे लगे हैं. अपने घरेलू विवाद से आगे बढ़कर वो अब पार्टी को आगे बढ़ाने में लगे हैं. और लगभग हर कार्यकर्ता सम्मेलन और रैली में कार्यकर्ताओं को लोगों की मदद करने का मंत्र भी देते हैं. कड़े फैसले लेने घड़ी में वो बड़ा फैसला लेने से भी नहीं हिचकिचा रहे हैं. अखिलेश यादव का यही एक्शन जौनपुर की घटना में देखने को मिला है.

अखिलेश यादव ने लिया एक्शन
मामला सपा विधायक
के भाई से जुड़ा होने और सपा से संबंध होने के चलते अखिलेश यादव ने बिना देर किए कार्रवाई का कोड़ा चला दिया. इस घटना में शामिल तमाम पदाधिकारियों को अखिलेश यादव ने पार्टी से बाहर कर दिया. समाजवादी पार्टी के ट्वीटर हैंडल से इस खबर की पुष्टि भी की गई. इसमें कहा गया कि, ‘जौनपुर में महिलाओं पर अत्याचार एवं अभद्र व्यवहार करने वाले सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को समाजवादी पार्टी निष्कासित करती है.’

अखिलेश यादव ने छीना मौका
जौनपुर की घटना के बहाने सियासी गलियारों में सपा को घेरन की रणनीति बनती. इससे पहले ही अखिलेश यादव ने दांव चल दिया. वहीं सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, ‘सरकार से मांग की जाती है कि, इसमें शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई की जाए’.

विधायक के भाई ने की थी गुंडई
बता दें कि, जौनपुर के मछली शहर में जमीन को लेकर विवाद हुआ. कुछ महिलाएं जमीन को अपना बताकर अवैध अधिग्रहण का विरोध कर रही थी. घटना स्थल पर मछली शहर से विधायक जगदीश सोनकर के ब्लॉक प्रमुख बाई दीपचंद सोनकर गनर और गुंडों के साथ उस जगह पहुंच गए. उन पर आरोप है कि, उन्होंने महिलाओं को गंदी-गंदी गालियां दी और उनके साथियों ने महिलाओं को खेत में दौड़ा-दौड़ाकर मारा. उस हमले में कई महिलाएं घायल हुई जिनमें से एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है.

वायरल हो रहा है वीडियो
वायरल हो रहे इस वीडियो में महिलाओं की पिटाई कर रहे शख्स की पहचान कोमल सोनकर के रूप में हुई है. कहा जा रहा है कि, ये घटना बीते सप्ताह की है. इस मामलें में पुलिस की मिलीभगत और लापरवाही भी सामने आ रही है. वीडियो सामने आने से पहले पुलिस ने इस मामले में लीपापोती की थी और FIR के बजाए NCR लिखकर पीड़ितों को भगा दिया था. घटना 14 दिसंबर की कुतूपुर के काकोर गांव की है.

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