इलाहाबद/लखनऊ: कड़ी मशक्कत तो रिजल्ट जारी हुआ था और बड़ी फजीहत के बाद शुरु कनिष्ठ सहायकों को नियुक्ति पत्र मिलने शुरु हुए थे. लेकिन कनिष्ठ सहायकों को तब बड़ा झटका लगा जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कनिष्ठ सहायकों के 5, 288 पदों के लिए नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी. हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से कहा है कि, अगर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए हों तो इस मामले की अगली सुनवाई तक जारी भी ना किए जाएं.
दरअसल, 13 अक्टूबर 2018 को 77 विभागों में कनिष्ठ सहायकों का रिजल्ट घोषित किया गया था. इसमें कुछ लोगों का नाम नहीं आया तो सुधारक पाठक सहित 15 अन्य लोगों ने विशेष याचिका दाखिल की इन अपीलों पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय की पीठ ने ये आदेश दिया है. वहीं इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और आयोग से जवाब भी मांगा है.
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बता दें कि, इससे पहले याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर कहा था कि, उनको पद के लिए अनिवार्य ट्रिपल सी का प्रमाण पत्र आवेदन करने की अंतिम तारीख के बाद मिला था लेकिन आवेदन करते वक्त उन्होंने ट्रिपल सी का कोर्स पास कर लिया था. लेकिन केवल प्रमाणपत्र नहीं होने की वजह से उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया था. इस पर सिंगल बेंच ने अंतरिम आदेश के तहत याचिकाकर्ताओं को परीक्षा में शामिल करने के निर्देश दिए थे.लेकिन फिर याचिक पर सुनवाई के बाद इस तर्क को खारिज कर दिया गया था इसकी वजह से इन लोगों को इंटरव्यू में नहीं बुलाया गया था. तब सिंगल बेंच के आदेश को विशेष याचिका के जरिए चुनौती दी गई.
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अब खंडपीठ ने इसे सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए 77 विभागों में कनिष्ठ सहायकों के नियुक्ति पत्र जारी करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. वहीं इस मामले की सुनवाई अब 5 दिसंबर को होगी. वहीं नियुक्ति पत्रों पर रोक से तमाम चयनित अभ्यर्थियों में मायूसी का आलम हैं.
