तो क्या जीतू फौजी ने नहीं मारा इंस्पेक्टर सुबोध को ?

जीतू फोजी के भाई का कहना है कि जिस वीडियो के आधार पर पुलिस जीतू फौजी को हत्या का आरोपी मान रही है, उस वीडियो मं जीतू है ही नहीं। जीतू के भाई ने….

Read More

तो क्या सुमित बजरंग दल छोड़कर फौज में जाने वाला था ?

सरकार की ओर से दिए जा रहे मुआवजे से सुमित का परिवार संतुष्ट नहीं है. अमरजीत कहते हैं, ‘मैं बहुत गरीब और छोटा किसान हूं. मेरी दो बेटियां कुंवारी बैठी है. मैं चाहता था कि मेरे बेटे को भी शहीद का दर्जा मिले.

Read More

बाबर ने नहीं करवाया था बाबरी मस्जिद का निर्माण, इसका मीर बाकी से है तालुक्कात

लखनऊ: बाबरी मस्जिद पर वर्षों से विवाद जारी है, जिसे लेकर कहा जाता है कि मुगल शासक बाबर ने मंदिर तोड़कर अपने नाम की मस्जिद बनवाई थी, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि ये मस्जिद बाबर ने बनाई ही नहीं थी. बाबरी मस्जिद असल में बाबर की सेना के एक जनरल मीर बाक़ी […]

Read More

ना तो मैं अयोध्या गया, ना मंदिर तुड़वाया, ना मस्जिद बनवाई- बाबर

मेरा अल्लाह और तारीख गवाह है… मैंने कोई मंदिर मिसमार नहीं किया और न हिंदुस्तान में कोई मस्जिद अपने नाम से कभी बनवाई. इस्लाम तो हिंदुस्तान में मेरे पहुंचने से पहले मौजूद था…क्या इब्राहिम लोदी खुद मुसलमान नहीं था जो आगरा की गद्दी पर बैठा हुआ था….

Read More

अयोध्या में टूट रही थी मस्जिद, ‘रो रहे थे राष्ट्रपति, सो रहे थे प्रधानमंत्री’

अयोध्या: 6 दिसंबर 1992, दोपहर 12.30 बजे देश भर को पता चल गया कि उन्मादी कारसेवक अयोध्या में बाबरी मस्जिद के एक गुंबद पर चढ़कर उसे तोड़ने में जुट गए हैं. दिल्ली स्थित तमाम मुस्लिम नेता प्रधानमंत्री दफ्तर में फोन करने लगे. हस्तक्षेप की उम्मीद के साथ. मगर हर बार जवाब मिलता, प्रधानमंत्री आराम कर रहे हैं. दोपहर 2.30 बजे कई नेता, समाजसेवी और धर्मगुरु […]

Read More

बाबरी मस्जिद पर क्या सोचते थे पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ?

बाबरी मस्जिद का जिक्र आते ही, 6 दिसंबर 1992 की यादें ताजा हो जाती है, हजारों कारसेवकों का उग्र जनसैलाव, मस्जिद के गुंबद पर चढ़कर उन्हें तोड़ते लोग, मस्जिद की बात हो तो इसमें सियासत भी शामिल हो जाती है…बाबरी मस्जिद के इतिहास, 1949 में वहां भगवान राम की स्थापना और 1990 से लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में […]

Read More

अलीगढ़ के इन बाजारों के आगे नोएडा का अट्टा और दिल्ली का कनॉट प्लेस कुछ नहीं

अलीगढ़- दिल्ली एनसीआर के दो प्रमुख बाजार नोएडा का अट्टा और दिल्ली काकनॉट प्लेस है, ये बाजार दुनियाभर में अपनी खासियत के चलते मशहूर है।यहां आधुनिकता से जुड़ी वस्तुओं का वैभव चौंकाता है तो ऐतिहासिक स्वरूप लुभाता है। कुछ ऐसे ही खास बाजार हर शहर में होते हैं। वे इतने विशाल तो नहीं, पर उनकी पहचान […]

Read More

बाबरी मस्जिद की बरसी से पहले बुलंदशहर में इसलिए इकट्ठा होंगे लाखों मुसलमान!

इज्तिमा का अर्थ होता है धार्मिक जमवाड़ा, जहां भारी तादाद में जमा हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों को अपने इस्लाम धर्म के बारे में अच्छी तरह जानने का मौका मिलता है. साथ ही दीन की राह का रास्ता दिखाया जाता है. बता दें कि

Read More