मदरसा, मस्जिद और मुसलमानों की मदद के ये किस्से, सीएम योगी पर आपकी राय बदल देंगे

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लखनऊ/गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 5 जून को अपना 48वां जन्मदिन मनाया है. संत से लेकर सियासत तक के इस सफर में सीएम योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ADITYANATH) के जीवन की तमाम बाते हैं लेकिन मुसलमानों को लेकर उनकी जो छवि बनी या बनाई गई है उससे इतर भी योगी आदित्यनाथ की एक अलग छवि है. जिसे सुनकर हर कोई आश्चर्य में पड़ जाता है. बेबाक अंदाज, तल्ख तेवर और कठोर शब्दों के लिए मशहूर योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ADITYANATH) में लोग हिंदूवादी छवि देखते हैं.  लेकिन उनकी जिंदगी में कई ऐसे मौके आए हैं जब वो मुसलमानों के लिए ढाल बनकर खड़े हुए हैं. राजनीतिक के मंच पर या यूं कहें कि, देशकाल परिस्थितियों में योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ADITYANATH) के कुछ बयान ऐसे आए हैं जिनके जरिए उन्हें मुसलमानों का घोर विरोधी बताया गया है लेकिन ये सारी घटनाएं आपके दिल और दिमाग का वो सारा भ्रम दूर कर देंगी जिसमें अक्सर बताया जाता है कि, योगी मुस्लिमों से नफरत करते हैं. गोरखपुर (GAURAKHPUR) के गलियारे ऐसे तमाम किस्से कहानियों से गुलजार है जब सीएम योगी ने मुसलमानों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है.

दर्जी के लिए दोपहरी में दिया धरना
बात उन दिनों की है जब योगी नए नए सासंद बने थे. गोरखपुर (GAURAKHPUR) में बलदेव प्लाजा मार्केट के पास से एक मुस्लिम दर्जी का अपहरण हो गया और बदमाशों ने फिरौती की मांग की. उधर परिवार वालों की शिकायत के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही. सीएम योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ADITYANATH) को जब इस घटना का पता चला तो उन्होंने फैसला किया कि वो पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ धरने पर बैठेंगे. उस तपती दोपहरी में एक साथी ने कहा कि अरे छोड़िए महाराज कहां एक मुसलमान के चक्कर में धूप में धरना दोगे तब योगी ने उसे डांटते हुए कहा था कि, पहली बात तो वो व्यापारी है और दूसरी बात ये कि, गोरखपुर में ऐसा होने नहीं दिया जाएगा. उसके बाद योगी आदित्यनाथ सड़क पर उतर आए और तब तक धरने पर बैठे रहे जबतक आरोपी को पुलिस ने पकड़ नहीं लिया.

मंदिर’ ने लड़ी ‘मदरसे’ की लड़ाई, मुस्लिमों को ‘जमीन’ दिलाई 

राजनीति में मदरसों को लेकर क्या कुछ नहीं कहा जाता लेकिन कल्पना कीजिए कि, कट्टर छवि वाले योगी आदित्यनाथ मदरसे की जमीन के लिए भी लड़े हैं. दरअसल, गोरखपुर (GAURAKHPUR) के राहुपुर कालोनी में कुछ स्थानीय दबंगों ने मदरसे की जमीन पर कब्जा कर लिया. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने स्थानीय प्रशासन से जमीन के लिए गुहार लगाई लेकिन प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंगी. तब वहां के मौलवी साहब ने मंदिर में जाकर योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ADITYANATH) को अपनी पीड़ा बताई.  योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ADITYANATH) ने अपने स्तर से पड़ताल कराई और वो आश्वस्त हो गए कि, जमीन वाकई मदरसे की है तो उन्होंने प्रशासन को 1 घंटे में जमीन वापस दिलाने का अल्टीमेटम दिया. यकीन मानिए एसएसपी ने एक घंटे में जमीन खाली कराकर मदरसा प्रबंधक का कब्जा दिला दिया. मदरसे की जमीन वापस मिलने पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ‘मंदिर’ का शुक्रिया अदा किया था.

मस्जिद के रास्ते के लिए सत्ता पक्ष के नेता से लड़े

मदरसे की जमीन के अलावा योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ADITYANATH) मुसलमानों की मस्जिद के लिए तो तत्काली सरकार के नेता से भी टकरा चुके हैं. बात साल 2014 की है गोरखपुर (GAURAKHPUR) इलाके के अंसारी समुदाय के लोगों की जो मस्जिद का रास्ता था उसे तत्कालीन सरकार के एक नेता ने बंद कर दिया था. अंसारी समुदाय के लोगों ने उस रास्ते को खोलने के लिए प्रदर्शन किया तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया. जब कोई मदद को आगे नहीं आया तो वो लोग योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ADITYANATH) से मिले योगी आदित्यनाथ ने पूरी बात सुनकर मदद का भरोसा दिया. इसके बाद योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ADITYANATH) खुद उस इलाके में गए और सड़क खोलने का निर्देश दिया. और फिर ऐसा हुआ कि, रास्ते में लगी अवैध दीवार तोड़ दी गई. कुछ ही मिनटों में वो रास्त खुल गया  और इस तरह मुस्लिम समुदाय का मस्जिद का रास्ता भी खुल गया.

जब मुस्लिम महिला के मददगार बने योगी

योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ADITYANATH) की जिंदगी के पन्नों की ये घटना भी योगी के ‘मुस्लिम विरोध’ का झंडा उठाने वालों को करार जवाब देती है. मामला कुछ इस तरह है कि, मिर्जापुर की एक युवती शिकायत लेकर आई कि, उसके पति ने अरब में दूसरी शादी कर ली है और  विरोध  करने पर तलाक का नोटिस भेज दिया है. इस मामले में मदद के लिए वो अपनी मां को साथ लेकर हर जगह फरियाद कर चुकी है. कई मुस्लिम नेताओं और मौलानाओं से भी गुहार लगा चुकी है. लेकिन कोई मदद नहीं कर रहा है. तब उस महिला की फरियाद पर योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ADITYANATH) ने तुरंत कप्तान और उस जोन के आईजी से बात की. पुलिस ने युवती के पति को खिलाफ मामला दर्ज किया और भारत लौटते ही उसे गिरफ्तार भी किया.

नोट- (ये किस्से सीएम योगी के जीवन पर लिखी एक किताब के हिस्से हैं)

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