नई दिल्लीः आज दीपावली (Diwali 2019) है. दीपावली (Diwali 2019) का त्यौहार हमारे देश में बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है. इस बार दीपावली (Diwali 2019) 7 नवंबर को मनाई जा रही है. कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर दिपावली का त्यौहार मनाया जाता है. इस दिन अमावस्या होती है लेकिन हिंदू धर्म के लोगों के लिए ये रोशनी का दिन होता है. इस दिन हर जगह रोशनी होती है. हर जगह दीपक जलाए जाते हैं. भारत में ये त्यौहार बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है. दीपावली (Diwali 2019) को लेकर के ये मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीराम लंकापति रावण का वध करके और अपना 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे. इस दिन सभी अयोध्यावासियों ने नके आने की खुशी में अपने-अपने घरों में घी के दीपक जलाएं थे और सब ने साथ में खुशियां मनाई थीं.
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आपको बता दें कि दीपावली (Diwali 2019) के दिन धन की देवी लक्ष्मी (Laxmi) की पूजा की जाती है. मां लक्ष्मी (Laxmi) के साथ दीपावली (Diwali 2019) पर भगवान गणेश और कुबेर भगवान का भी पूजन किया जाता है. साथ ही लोग इस दिन अपने बही-खाता का भी पूजन करते हैं.

ऐसे करें लक्ष्मी (Laxmi) पूजन
धन की देवी लक्ष्मी (Laxmi) और भगवान गणेश जी की प्रतिमा को सबसे पहले एक चौकी पर रखें. लेकिन इस बात का खास ध्यान रखें कि प्रतिमा का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा की तरफ होना चाहिए. इसके अलावा लक्ष्मी (Laxmi) जी की मूर्ती गणेश जी की दाहिनी तरफ रखें. जिसके बाद एक चावल से भरे कलश को लक्ष्मी (Laxmi)जी के पास रखें. जिसके बाद नारियल को लाल कपड़े में कर के उसे कलश के ऊपर रखें. ये कलश वरूण का प्रतीक होता है. घी के दीपक को गणेश जी के पास और तेल के दीपक को देवी लक्ष्मी (Laxmi) के पास रखें. जिसके बाद पूजा के लिए पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ मुख करके बैठें. फिर मां लक्ष्मी (Laxmi) की पूजा प्रदोष काल में ही करें. मां की पूजा के बाद दीप दान जरूर करें.

इन मंत्रों का करें जाप
नमस्तेस्तु महामाये श्री पीठे सुर पूजिते!
शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तुते!!
नमस्तेतु गरुदारुढै कोलासुर भयंकरी!
सर्वपाप हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते!!
सर्वज्ञे सर्व वरदे सर्व दुष्ट भयंकरी!
सर्वदुख हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते!!
सिद्धि बुद्धि प्रदे देवी भक्ति मुक्ति प्रदायनी!
मंत्र मुर्ते सदा देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते!!
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्र्वरी ।
हरिप्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ।।
शुभम करोति कल्याणम,
अरोग्यम धन संपदा,
शत्रु-बुद्धि विनाशायः,
दीपःज्योति नमोस्तुते !
