लखनऊ : सख्त शासक के तौर पर सत्ता समाज में अपनी पहचान बना चुके कल्याण सिंह का राज्यपाल के तौर पर कार्यकाल पूरा हो चला है. 9 सितंबर को राजस्थान के राजभवन से उनकी बिदाई है. मगर उनकी बिदाई की खबरों के बीच चर्चाओं से सियासी बाजार गरम है कि कल्याण सिंह फिर से कमल धारण कर रहे हैं.
9 सितंबर को लेंगे सदस्यता
राजनीति से लेकर राजभवन तक का सफर तय कर चुके कल्याण सिंह 9 सितंबर को लखनऊ लौट रहे हैं. कहा जा रहा है इसी दिन वो फिर से बीजेपी के दफ्तर जाकर कमल का दामन थामेंगे. बताया तो ये भी जा रहा है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद उन्हें घर लेने जाएंगे और सदस्यता दिलवायेंगे. यानि 90 के दशक में बीजेपी की हिंदूवादी राजनीति की धूरी रहे कल्याण सिंह एक बार फिर समीकरण साधने. सियासत की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं.
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मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
राम मंदिर आंदोलन में बड़ा किरदार निभा चुके कल्याण सिंह के बारे में कहा जा रहा है पार्टी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में हैं. कल्याण सिंह को पार्टी में क्या कमान सौंपी जायेगी इसपर अभी तक कोई खबर सामने नहीं आई. मगर कहा जा रहा है. बीजेपी की पिछड़ों वाली जातीय राजनीति को अनुभव का रंग देने के लिए उन्हें पार्टी में वापस लाया जा रहा है.
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