भारतीय वायुसेना ने मंगलवार तड़के सीमा पर पाकिस्तान में स्थित बालाकोट में आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने को निशाना बनाया. जिसमें बड़ी संख्या में कई आतंकवादी, ट्रेनर, शीर्ष कमांडर और जेहादी मारे गए. भारतीय वायुसेना द्वारा चलाए गए इस अभियान में मारे आतंकियों में जैश प्रमुख मसूद अजहर का रिश्तेदार युसूफ अजहर भी शामिल है. इसकी जानकारी विदेश सचिव विजय गोखले ने दी. वहीं इस अभियान के बाद पाकिस्तान में तनाव की स्थिति बनी हुई है और विपक्षी नेता पीएम इमरान खान को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं.
वहीं पाकिस्तान की संसद में पीएम इमरान खान के खिलाफ नारे लगा जा रहे हैं. इस नारे में वो शर्म करो इमरान खान बोल रहे है. बता दें कि मंगलवार को पाकिस्तान की संसद में जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई वैसे ही सदन में इमरान खान शर्म करो के नारे गुंजने लगे.
वहीं पाकिस्तान के नेताओं ने सदन में संयुक्त सत्र बुलाकर भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव पर चर्चा करने की मांग की. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इससे पहले आपात बैठक बुलाई थी. जानकारी के अनुसार इस बैठक के बाद शाह पीएम इमरान खान से मुलाकात कर अधिकारियों के साथ सुरक्षा मुद्दों पर उच्च स्तरीय चर्चा करेंगे. सूत्र के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि हमें उम्मीद थी कि भारत हमला करेगा और जवाबी कार्रवाई का हमारे पास अधिकार है.
भारतीय वायुसेना ने लिया पुलवामा हमले का बदला, LoC के पार जैश के ठिकानों पर बरसाए 1000 किलो के बम
आपको बता दें कि भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “भारतीय वायु सेना ने मंगलवार तड़के तड़के सीमापार पाकिस्तान में स्थित बालाकोट में आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के ठिकाने को अपना निशाना बनाया है. जिसमें सेना ने बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी को मार गिराया. इसमें मारे गए आतंकियों में जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का रिश्तेदार युसूफ अजहर भी शामिल है”. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि “भारत सरकार आतंकवाद रूपी बुराई को जड़ से खत्म करने को प्रतिबद्ध है”.
वायुसेना ने PoK में घुसकर की कार्रवाई, बौखलाए पाकिस्तान ने दी गीदड़भभकी
विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि एक खुफिया जानकारी मिली थी कि “12 दिन पहले पुलवामा हमले को अंजाम देने के बाद जैश-ए-मोहम्मद भारत में एक और आत्मघाती आतंकी हमला करने की साजिश रच रहा है”. इन्होंने बताया कि “इस जानकारी के बाद सीमा के दूसरी तरफ जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी शिविर पर गैर-सैन्य एकतरफा हमले किए गए”.
