अलीगढ़ : बहादुरी की एकमात्र पहचान है, दुश्मन का डटकर सामना करना, ऐसी ही बहादुरी की मिशाल पैश की है अलीगढ़ के लाल और यूपी पुलिस में सिपाही अनिल यादव ने, 2 गोली लगने के बाद भी अनिल यादव ने हार नहीं मानी और भागकर बदमाशों को दबोच लिया
चेकिंग के दौरान चली गोली
मूलरूप से अलीगढ़ के दादों क्षेत्र के दरी अलावपुर गांव निवासी सिपाही अजीत यादव अपने अन्य साथी पुलिसकर्मियों के साथ चारबाग मेट्रो स्टेशन के पास ड्यूटी पर तैनात थे, मंगलवार तड़के पौने तीन बजे बाइक सवार दोनों संदिग्धों को रोक लिया और चेकिंग शुरू की, तभी एक बदमाश ने पहले तमंचे की बट से हमला किया और फिर अनिल यादव को गोली मार भागने लगे, गोली लगने के बाद भी अनिल यादव ने बहादुरी दिखाते हुए बदमाशों का पीछा किया और उन्हें दबोच लिया, तभी पीछे से आए साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया
बदमाशओं का डटकर सामना करने के लिए अनिल यादव को एडीजी ने सम्मानित किया और अवार्ड के तौर पर 10 हजार रुपए इनाम दिये, वहीं पुलिस मुखिया डीजीपी ओपी सिंह ने सिपाही के बहादुरी को सराहा है..अनिल यादव की बहादुरी के किस्से पुलिस विभाग के साथ साथ उनके गांव में भी सुनाए जा रहे हैं
आरोपियों के पास से तमंचा बरामद
एसएसपी लखनऊ ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों का नाम रानू व पारा है, दोनों के पास से 315 बोर का तमंचा, कारतूस एख बाईक और एक मोबाइल बरामद हुआ है
