अयोध्या और मथुरा में मांस-मंदिरे पर बैन लगाएगी योगी सरकार!

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक बड़ा फैसला लेने पर विचार कर रही है. प्रदेश में अवैध बूचड़खानों पर प्रतिबंध लगाने के बाद सरकार अब राम नगरी अयोध्या, कृष्ण की नगर मथुरा को तीर्थस्थल घोषित कर इन जगहों पर मांस-मदिरे की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है.

साधु-संतों ने की है मांग
उप्र सरकार के प्रवक्ता और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने के मुताबिक ‘साधु संतों और करोड़ों भक्तों की लंबे समय से ये मांग थी कि, राम और कृष्ण की नगरी में मांस-मदिरा की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लागू किया जाये ।

प्रदेश सरकार उनकी मांग का सम्मान करते हुये अयोध्या की चौदह कोसी परिक्रमा के आसपास के इलाके और मथुरा में भगवान कृष्ण के जन्म स्थान के आसपास के इलाके को तीर्थ स्थान घोषित करने की योजना पर काम कर रही है. जब ये दोनों स्थान तीर्थ स्थान घोषित हो जायेंगे तो यहां मांस-मदिरा की बिक्री पर खुद ही प्रतिबंध लग जायेगा. बिना तीर्थ स्थान घोषित किये इन दोनों जगहों पर मांस-मदिरा पर प्रतिबंध लगाना संभव नही है.’

श्रीकांत शर्मा ने कहा ‘अयोध्या और मथुरा में मांस-मदिरा पर प्रतिबंध की मांग को योगी सरकार ने गंभीरता से लिया है और इन दोनों जगहों को तीर्थ स्थान घोषित करने की योजना पर काम किया जा रहा है. उनके के मुताबिक, मथुरा में वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गिरिराज जी, गोर्वधन की सप्त कोषी परिक्रमा का इलाका पहले से ही तीर्थस्थान घोषित है और वहां मांस-मदिरा की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है. और अब अयोध्या में चौदह कोसी परिक्रमा का इलाका, मथुरा में भगवान कृष्ण के जन्म स्थान के आसपास के इलाके को तीर्थ स्थान घोषित कर यहां पर मांस-मदिरा पर प्रतिबंध लगाये जाने की योजना है.

क्यों साधु-संतों ने की ये मांग
दरअसल, इन स्थानों पर मांस-मदिरा पर प्रतिबंध की मांग बहुत पुरानी है. वहीं जबसे 6 नवंबर को उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या कर किया था. तब एक बार फिर संतों ने ये मांग उठाई कि अयोध्या में मांस-मदिरा की बिक्री भगवान राम का अपमान है और इस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.

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