बुलंदशहर/डिबाई: भ्रष्टाचार के कैंसर ने सरकार की योजनाओं और प्रतिनिधियों के पैसों को भी नहीं बख्शा है और तो और स्कूल कॉलिज के निर्माण कार्यों के लिए आए पैसे में भी अधिकारी रिश्वत लेने से बाज नहीं आते हैं. ताजा मामला डिबाई थानाक्षेत्र के नरोरा का है जहां एंटी करप्शन की टीम ने एक जेई को प्रधानाचार्य से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. उसके पास से लिए गए 20 हजार रुपए भी बरामद किए गए हैं.
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क्या है पूरा मामला
दरअसल, नरोरा के इरीगेशन इंटर कॉलिज में एक सभागार बनाने के लिए क्षेत्रीय विधायक अनीता लोधी ने विधायक निधि से 10 लाख रुपए और एमएलसी पुंडीर ने 5 लाख रुपए दिए थे. प्रिंसिपल गजराज सिंह ने इन पैसों को अवमुक्त कराने के लिए कागजी कार्यवाई के साथ जेई रामखिलाड़ी से अपील की. जेई ने निरिक्षण के बाद 15 लाख रुपए की रकम का स्टीमेट पास करने के विए ढाई प्रतिशत की रिश्वत मांगी. प्रिसिंपल द्वारा पैसे देेने में असमर्थता जताने पर जेई ने कहा कि, ‘जब तक पैसे नहीं मिलेंगे तब तक फाइल यहीं पड़ी रहेगी’.
कैसे पकड़ा गया जेई
जेई की हरकतों पर प्रिंसिपल ने मेरठ में एंटी करप्शन में शिकायत की थी. टीम ने जेई को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. प्रिसिंपल गजराज सिंह ने जेई राम खिलाड़ी को पैसों के लिए डिबाई दोराहे पर बुलाया. तभी एंटी कर्प्शन की टीम ने जेई रामखिलाड़ी को भीमपुर दोराहे के पास सचिन रेस्टोरेंट से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से 20,000 की रिश्वत की रकम भी बरामद की गई है. इसके अलावा एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी भी कब्जे में ली गई है. इस एंटी करप्शन टीम में उप निरीक्षक अशोक कुमार, विक्रम सिंह और हेड कॉन्सटेबल संजीव कुमार शामिल थे.
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