लखनऊ: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के जाने माने वकील कपिल सिब्बल (KAPIL SIBBAL) ने यूपी से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी. दरअसल,कपिल सिब्बल (KAPIL SIBBAL) ने समाजवादी पार्टी (SAMAJAWADI PARTY) के समर्थन से राज्यसभा का नामांकन दाखिल किया है. इस दौरान उनके साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राम गोपाल यादव मौजूद रहे।
कांग्रेस का छोड़ा ‘हाथ’
सबके ज़हन में सवाल था कि, सिब्बल (KAPIL SIBBAL) तो कांग्रेस नेता हैं फिर समाजवादी पार्टी (SAMAJAWADI PARTY) से नामांकन क्यों. इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि “मैं कांग्रेस का नेता था, लेकिन अब नहीं हूं. कांग्रेस की सदस्यता से 16 तारीख को इस्तीफा दे चुका हूं” सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (AKHILESH YADAV) का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि “2024 को लेकर हम सब एक साथ आ रहे हैं. केंद्र सरकार की कमियों को उजागर करेंगे. सब एक साथ मिलकर जनता के बीच बात रखेंगे “.
सिब्बल ने आजम खान का जताया आभार
समाजवादी पार्टी (SAMAJWADI PARTY) के समर्थन से राज्यसभा का नामांकन भरने के बाद कपिल सिब्बल ने कहा कि, ” मैंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए नामांकन भरा है. मैं अखिलेश यादव का आभारी हूं कि उन्होंने मेरा समर्थन किया. मैं आजम खां का भी आभार प्रकट करता हूं. दरअसल, मंगलवार को ही सपा के कद्दावर नेता आजम खां(AZAM KHAN) ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि, अगर पार्टी सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्बल (KAPIL SIBBAL) को राज्यसभा भेजती है तो अच्छी बात होगी. कपिल सिब्बल को राज्यसभा भेजे जाने से मुझे सबसे ज्यादा खुशी होगी।
क्या है राज्यसभा का गणित
उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 विधायकों में भाजपा(BJP) गठबंधन के पास 273 विधायक हैं. मुख्य विपक्षी दल सपा गठबंधन के विधायकों की कुल संख्या 125 है. राज्यसभा की प्रत्येक सीट के लिए कम से कम 37 विधायकों के वोट जरूरी हैं। इस हिसाब से भाजपा गठबंधन 7 सीटों पर आसानी से जीत जाएगा. इसके बाद भी भारतीय जनता पार्टी गठबंधन के 14 वोट बच जाएंगे. 11 में से 3 सीटों पर सपा गठबंधन की जीत पक्की है। उसके पास भी 14 वोट बच जाएंगे। ऐसे में असल मुकाबला 11वीं सीट के लिए होना है, जिसके लिए इन दोनों ही दलों को जीत दर्ज करने के लिए बाकी दलों का समर्थन लेना होगा. समाजवादी पार्टी की ओर से फिलहाल कपिल सिब्बल और जावेद अली ने नामांकन दाखिल कर दिया है ।
