कौन कहता है कि, आसमां में सुराख नहीं हो सकता
एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो
दुष्यंत कुमार की ये पक्तियां सनैया जट्ट ब्लॉक चमरौवा वाले मॉडल प्राइमरी स्कूल के शिक्षक राकेश कुमार विश्वकर्मा पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं. क्योंकि, अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो अपने जन्मदिन को केवल अपनी खुशियों तक सीमित रखने के बजाए दूसरों के सपनों में पंख लगाने और उनके मुस्कुराने की वजह भी बना सकता है. आमतौर पर हम और आप अपने जन्मदिन पर खर्चीली पार्टी का जश्न मनाकर खुश हो लेते हैं. लेकिन मॉडल प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत राकेश कुमार विश्वकर्मा ने अपने जन्मदिन स्कूली बच्चों को उपहार देकर मुस्कुराने का मौका दिया.
बच्चो को बांटे स्पोर्टस किट

शिक्षक राकेश कुमार विश्वकर्मा ने जन्मदिन के अवसर पर बच्चों को स्पोर्टस किट बांटी जिसमें टी-शर्ट, कैपरी और Knee कैप थे. इस गिफ्ट के बाद बच्चे बेहद उत्साहित दिखे खेलकूद में रुचि लेने वाले इन बच्चों में खेल प्रतिभा दिखाने का जज्बा भी दिखा. इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री विजय वीरेंद्र सिंह, जिला व्यायाम शिक्षक श्रीमती अनीसा लतीफ और विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा.
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लोग बोले अनुकरणीय काम, सोशल मीडिया पर भी सराहना
सहायक शिक्षक राकेश कुमार विश्वकर्मा के इस जज्बे की हर कोई सराहना कर रहा है. apnauttarpradesh.co.in/ की टीम ने जब सोशल मीडिया पर भी लोगों की राय देखी सोशल मीडिया पर उनके एक साथी लिखते हैं कि, ‘अब सरकारी स्कूल भी किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं. बच्चों को बहुत ही अच्छी शिक्षा तथा तरह तरह के खेल ओर बच्चो को सभी स्कूलों से अच्छी ड्रेस बहुत ही अच्छा लगाव है. बच्चो के प्रति भाई राकेश विश्वकर्मा जी जैसे अध्यापक को बच्चे कभी नहीं भूलेंगे. भाई ऐसे ही मेहनत करते रहो आपकी मेहनत रंग लाएगी.
एक और साथी का विचार हैं कि, ‘आज के समय में सरकारी स्कूलों में बच्चो के पास सही से स्कूल ड्रेस तक की नही है ऐसे में मॉडल प्राइमरी स्कूल सनैय्या जट के अध्यापक मेरे बड़े भाई राकेश विश्वकर्मा जी अपने विद्यालय के बच्चो को पढ़ाई के साथ खेलो में भी आगे लेकर आ रहे है. अपने जन्मदिन के उपलक्ष्य में भैया जी ने स्कूल के बच्चो को कबड्डी किट दी, ये होता है एक महान अध्यापक का महान कार्य. जितनी तारीफ़ की जाए कम है. आज व्यक्तियों के पास खुद के खर्च से फुर्सत नही है. ऐसे में मिशाल बनकर उभरे है बड़े भाई कि चाहे आप कितने भी ऊंचे पद पर हो अपने आने वाली पीढ़ी को मजबूत करने के लिए ऐसे कार्य जरूर करें भैया जी आपकी सोच को सलाम.
राकेश विश्वकर्मा करते रहते हैं अलख जगाने के काम

राकेश कुमार विश्वकर्मा अपने स्कूल में भी आए दिन बच्चों के साथ अलग-अलग तरह के सांस्कृति कार्य करते रहते हैं. कुछ नया करने और बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिए वो नए-नए तरीके भी अपनाते रहते हैं. बच्चों में खेल के प्रति आकर्षित करने के लिए कबड्डी आदि का आयोजन भी कराते हैं.
साथी शिक्षकों के साथ संवार रहे स्कूल, पर्यावरण का दे रहे संदेश

सहायक सिक्षक राकेश कुमार विश्वकर्मा अपने स्कूल के साथी शिक्षकों के साथ मिलकर सरकारी स्कूलोों के प्रति लोगों के मनोभाव को बदलने में जुटे हैं. वहीं प्रकृति से प्रेम के चलते वृक्षारोपण आदि में भी विशेष रुचि रखते हैं. बीते दिनों नीम कोडिंग और सीड बॉल्स बनाकर पेड़ लगाने की मुहिम भी चलाई थी.
