लखनऊ: नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर देशभरे में हो रहे विरोध प्रदर्शन का नजारा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी देखने को मिला. वृहस्पतिवार को राजधानी लखनऊ की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू हुआ था लेकिन दोपहर के बाद लखनऊ के अमन को अफवाह कि चिंगारी ने अपने जद में ले लिया और देखते-ही देखते कई जगह से आगजनी की तस्वीरें सामने आ गई. आगजनी और बवाल के बीच पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज भी करना पड़ा.
एक शख्स की हुई मौत
इस बवाल में घायल वकील नाम के एक शख्स की मौत हो गई है. पुराने लखनऊ के रहने वाले वकील के पेट में गोली लगी थी. उसे किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था. इस हिंसा में चार लोगों को भर्ती कराया गया था कहा जा रहा है कि, इनमें तीन को गेली लगी थी. वहीं डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि, इसकी मौत की जांच की जाएगी. पुलिस की गोली से उसकी मौत नहीं हुई है.
55 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार
पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह के मुताबिक इस प्रदर्शन के दौरान 55 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस इस मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. प्रदर्शन के दौरान मदेहगंज चौकी के पास तोड़फो़ड़ के बाद बाइक में भी आग लगा दी गई थी. कई चैनलों की ओबी में भी आगजनी की गई.
परीक्षाएं भी हुईं रद्द
लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन के बाद लखनऊ यूनिवर्सिटी में होने वाली सभी परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं. इसके अलावा अधीनस्थ के परीक्षार्थियों की परीक्षा भी रद्द हो गई है.
सीएम ने कहा बख्शे नहीं जाएंगे दोषी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस हिंसा पर बेहद नाराजगी जाहिर की है. सीएम ने कहा है कि, इस हिंसा के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे. सीसीटीवी फुटेज से पहचान उजागर कर उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी और सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई की जाएगी.सीएम ने कहा कि, ‘महाबंदी के नाम पर जिस तरह की आगजनी की गई, वह अस्वीकार्य है। मैं स्वयं समीक्षा कर रहा हूं। हिंसा में लिप्त प्रत्येक व्यक्ति की संपत्ति जब्त करेंगे और सार्वजनिक संपत्ति के हुए नुकसान की भरपाई भी इन्हीं उपद्रवियों से करेंगे’
