न वीजा, न पासपोर्ट सालों से बिना किसी पहचान के दिल्ली में रह रहा पाकिस्तान का यह परिवार

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देश की सुरक्षा एजेंसियों में उस वक़्त ख़लबली मच गयी जब यह जानकारी मिली के देश की राजधानी दिल्ली में पाकिस्तानी परिवार पिछले 11 साल से बिना वीज़ा के रह रहा है.ममले में पता चला है की इन पाकिस्तानियों के भारतीय दस्तावेज़ बनाने के साथ ही,वह भारतीय सरकार द्वारा दी जा रही सभी सुविधाओं का भी आनंद ले रहे है.बता दें कि यह परिवार दिल्ली के जफराबाद इलाके में चौहान बांगर नमक जगह पर पिछले 11 साल से बिना किसी वीज़ा के रह रहा है. इन लोगों का भारतीय आधार कार्ड, राशन कार्ड तथा ड्राइविंग लाइसेंस तक बना हुआ है.जबकि इस घर में एक विधवा दिल्ली सरकार से पेंशन भी ले रही है.इस मामले के सामने आने से देश की सभी जांच एजेंसीयां सकते में है. सवाल यह उठता है कि आखिरकार इतनी बड़ी चूक हुई कैसे?

यह मामला किसी सरकारी एजेंसी की खोज नहीं बल्कि एक संपत्ति विवाद में सामने आया है.अब जब मामला सामने आ गया है तो दिल्ली पुलिस ने देश में अवैध रूप से रहने का मामला दर्ज़ करते हुए परिवार की मुख्या अमीना बेगम और उनके दो बेटों(उमर दराज 25,वकास 22) को हिरासत में ले लिया है.मामले में इन सभी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. अधिकारीयों का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

प्राप्त जानकारी के अनुसार अमीना बेगम जफराबाद इलाके में ही पैदा हुई है लेकिन उनकी मां ने साल 1984 में उनका निक़ाह पाकिस्तान में रहने वाले मुहम्मद नफ़ीस से कर दिया.इसके बाद उनका भारत में रह रहे अपने परिवार से मिलने आना कई बार हुआ.इसी बीच साल 1996 में अमीना बेगम के पति की एक सड़क हादसे में मौत हो गयी.तभी 1997 में 90 दिन का वीज़ा लेकर अमीना बेगम अपने दो बेटियों और दो बेटों के साथ भारत आयी.वर्ष 2007 तक तो अमीना ने अपनी और बच्चों के वीज़ा की अवधि बढ़वाई लेकिन उसके बाद अवैध रूप से यही रहने लगी.

यह परिवार चौहान बांगर इलाके में दो मज़िला माकन में रहता है.अगर घर में संपत्ति विवाद न होता तो शायद किसी को इनके बारे में कुछ पता भी नहीं चलता कि यह परिवार पाकिस्तानी है.इस परिवार के सम्बन्धियों का इस मामले में कहना है कि अमीना के घर में चौरी होने की वजह से इन लोगों का पासपोर्ट और वीज़ा चौरी हो गया.जिसकी वजह से यह लोग यही रहने लगे.इस मामले में दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा है कि यह पिछली सरकारों की करतूत है.क्योंकि पिछली सरकारों में दलालों के माध्यम से सरकारी दस्तावेज़ आसानी से बन जाते थे.हालांकि पड़ोसियों की चाहता है कि इस परिवार का पाकिस्तान में अब कोई नहीं है इसलिए भारत को उदारता दिखते हुए इनको भारतीय नागरिकता अधिकार देना चाहिए क्योंकि अमीना तो भारत में ही जन्मी थी.

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