सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को मिले पुख्ता इलाज: बृजेश पाठक

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लखनऊ: ग्रामीणों को सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर इलाज मुहैया कराया। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों को मुफ्त दवाएं और जांच उपलब्ध कराई जाएंगे। सीएमओ अस्पतालों की सुविधाओं की लगातार निगरानी करें। समय-समय पर निरीक्षण कर आख्या स्वास्थ्य महानिदेशक को पेश करें।

यूपी में 873 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैं। 2934 प्राथमिक स्वास्थ केंद्र (पीएचसी) है। 18580 हेल्थ पोस्ट सेंटर हैं। सीएचसी व पीएचसी में ओपीडी के साथ मरीजों को भर्ती कर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं संचालित हो रही हैं। हेल्थ पोस्ट सेंटर में ओपीडी का संचालन हो रहा है।

मरीजों को बार-बार अस्पताल की दौड़ न लगानी पड़े
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने शनिवार को प्रदेश के सभी सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि वे मरीजों को और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सुविधाओं में इजाफा करें। जरूरी दवाओं की कमी नहीं होने दें। जिन मरीजों का इलाज लंबा चलता है जैसे दिल, सांस, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर उन्हें 15 दिन से एक माह तक की दवाएं उपलब्ध करा सकते हैं। ताकि मरीजों को बार-बार अस्पताल की दौड़ न लगानी पड़े।

डेंगू-मलेरिया की जांच के पुख्ता इंतजार करें
मौसम तेजी से बदल रहा है। बारिश की वजह से मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि सभी सीएचसी पर डेंगू व मलेरिया की जांच की सुविधा को पुख्ता करें। वहीं पीएचसी पर बुखार, सिर दर्द, उल्टी जैसे लक्षण नजर आने पर डेंगू-मलेरिया की जांच कराएं। मलेरिया जांच के लिए टीमे गांव का भ्रमण करें। लक्षण वाले मरीजों के खून का नमूना लेकर स्लाइड तैयार कराएं। डॉक्टर की सलाह पर मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराएं। सीएमओ अस्पतालों का जायजा लें। अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की रिपोर्ट महानिदेशक को उपलब्ध कराएं।

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