370 हटने के बाद पीएम मोदी का पहला इंटरव्यू, यहां पढ़ें

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नई दिल्ली : केन्द्र सरकार के 75वें दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस को इंटरव्यू दिया, जिसमें वो अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 75वें दिन कश्मीर सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखते नजर आ रहे हैं…अपना उत्तर प्रदेश इंटरव्यू में पूछे गए सवाल और जवाब आपके सामने लिखित रुप से पेश कर रहा है

सवाल- प्रधानमंत्री जी आपका दूसरा कार्यकाल किस तरह से अलग है ?

जवाब- हमने अपनी सरकार बनने के चंद दिनों के भीतर ही एक अभूतपूर्व रफ्तार तय कर दी. हमने जो हासिल किया है, वह स्पष्ट नीति, सही दिशा का परिणाम है. हमारी सरकार के प्रथम 75 दिनों में ही ढेर सारी चीजें हुई हैं. बच्चों की सुरक्षा से लेकर चंद्रयान-2, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से लेकर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसी बुराई से मुक्ति दिलाना, कश्मीर से लेकर किसान तक हमने वह सबकुछ कर के दिखाया है, जो एक स्पष्ट बहुमत वाली दृढ़संकल्पित सरकार हासिल कर सकती है.”

सवाल- क्या इस तेज रफ्तार की वजह पहले कार्यकाल से अधिक बहुमत के साथ सत्ता में लौटना तो नहीं है ?

जवाब- एक तरह से, सरकार की जिस तरह जोरदार तरीके से सत्ता में वापसी हुई है, उसका भी यह परिणाम है. हमने इन 75 दिनों में जो हासिल किया है, वह उस मजबूत बुनियाद का परिणाम भी है, जिसे हमने पिछले पांच साल के कार्याकाल में बनाई थी. पिछले पांच सालों में किए गए सैकड़ों सुधारों की वजह से देश आज इस गति से आगे बढ़ने के लिए तैयार है, इसमें जनता की आकांक्षाएं जुड़ी हुई हैं. यह सिर्फ सरकार के कारण नहीं, बल्कि संसद में मजबूती की वजह से भी हुआ है.17वीं लोकसभा के प्रथम सत्र ने रिकॉर्ड बनाया है. यह 1952 से लेकर अबतक का सबसे फलदायी सत्र रहा है. मेरी नजर में यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है, बल्कि बेहतरी का एक ऐतिहासिक मोड़ है, जिसने संसद को जनता की जरूरतों के प्रति अधिक जवाबदेह बनाया है.

सवाल- आपने जो बदलाव किए हैं, वे अच्छे से सोच विचार कर किए गए हैं ?

जवाब- हमने जब 2014 में सरकार बनाई थी, तब मेडिकल शिक्षा की मौजूदा व्यवस्था को लेकर कई तरह की चिंताएं सामने आई थीं. इससे पहले, अदालतों ने भारत में मेडिकल शिक्षा को संभाल रही संस्थाओं के खिलाफ कड़े शब्दों में आपत्ति दर्ज कराई थी, इन्हें भ्रष्टाचार का गढ़ कहा था. एक संसदीय समिति ने गहन अध्ययन के बाद मेडिकल शिक्षा को लेकर निराशाजनक तस्वीर पेश की थी.उसने कुप्रबंधन, पारदर्शिता की कमी, मनमानेपन का उल्लेख किया था. पहले की सरकारों ने इस क्षेत्र को सुधारने के बारे में सोचा था, लेकिन इस दिशा में वे आगे नहीं बढ़ सकी थीं. हमने इस दिशा में आग बढ़ने का फैसला किया, क्योंकि यह मामला ऐसा नहीं है, जिसे हल्के में लिया जाए. यह हमारे लोगों की सेहत और हमारे युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है. इसलिए, हमने विशेषज्ञों का एक समूह यह देखने के लिए बनाया कि समस्या कहां है. विशेषज्ञ समूह ने प्रणाली का बारीकी से अध्ययन किया और समस्याओं और सुधार के क्षेत्रों को चिन्हित किया. यह विशेषज्ञों के सुझाव हैं, जिसे हम मौजूदा विधेयक में लेकर आए हैं.

 

 

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