पुलिस गुहार लगाती रही, आरोपी पीटते रहे

अपना बुलंदशहर

खुर्जा/बुलंदशहर: अक्सर आपने सुना होगा की आरोपी गुहार लगाता रहा और पुलिस पीटती रही, लेकिन खुर्जा से जो खबर सामने आई है उसमें पुलिस गुहार लगाती रही और आरोपी पीटते रहे, सुनने में भले ही अटपटा लगे लेकिन खुर्जा के गांव बिचौला में पुलिस जब आरोपियों की धड़पकड़ के लिए पहुंची तो, उल्टा आरोपियों ने ही 2 दारोगा समेत 7 पुलिसकर्मियों को जमकर पीटा इतना ही नहीं खबरों के मुताबिक पुलिस ग्रामीणों से मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी भी गांव वाले ने मदद नहीं कि और आरोपियो पीटते रहे.

एससी एसटी एक्ट में गिरफ्तारी के लिए गई थी पुलिस

दरअसल, खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के गांव बिचौला में पुलिस की टीम एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए गई थी. जैसे ही पुलिस टीम ने अभियुक्त को हिरासत में लिया तो पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर पथराव कर दिया. हमले में दो दरोगाओं समेत सात पुलिसकर्मी घायल हो गए. एक दरोगा को गंभीर हालत के चलते जिला अस्पताल रेफर किया गया है. एसएसआई की तहरीर पर 31 नामजद समेत 71 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है.

जान बचाने को भागी पुलिस, लोगों ने बंद किए दरवाजे

गांव बिचौला में पुलिस और ग्रामीणों के एक घंटे तक संघर्ष हुआ. ग्रामीणों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस ने जान बचाकर घरों में छुपने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने अपने-अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए. आरोप है कि पुलिस मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन कोई उनको बचाने नहीं पहुंचा. लोगों ने लाठी-डंडों एवं पथराव करना जारी रखा.

रामप्रसाद ने कराया था एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा

गांव बिचौला निवासी रामप्रसाद जाटव ने खुर्जा देहात थाने में अप्रैल 2017 को दीपक पुत्र वीरपाल, लीलू पुत्र चंद्रपाल, गौरव पुत्र बालकिशन, शिवहरि पुत्र राधाश्याम, हरीश पुत्र सुखपाल समेत छह लोगों पर एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था. इसकी सुनवाई एससी/एसटी कोर्ट बुलंदशहर में सुनवाई चल रही थी.

 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *